जौनपुर। पंचायत चुनाव के मतों की गिनती में अव्यवस्था हावी रही। धीमी गति से गणना के चलते आधी रात तक 25 फीसदी पदों के परिणाम भी नहीं घोषित हो पाए थे। रात नौ बजे तक ग्राम प्रधान के 427 और क्षेत्र पंचायत सदस्य के 248 पदों के परिणाम ही घोषित हो पाए थे। जिला पंचायत सदस्य के एक भी वार्ड के नतीजे घोषित नहीं हुए। प्रत्याशी और उनके समर्थक माथापच्ची करते रहे।
मतगणना का कार्य सुबह आठ बजे से ही शुरू होना था, लेकिन कोविड संक्रमण के भय से कई ब्लाकों में कर्मचारी तय समय पर नहीं पहुंचे। बाद में उन्हें फोन कर बुलाया गया या फिर रिजर्व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर गणना आरंभ की गई। चारों पदों के मतपत्र एक ही पेटी में होनी से उन्हें छांटने, बंडल बनाने में भी काफी वक्त लग रहा था। इसके चलते गणना की रफ्तार बेहद सुस्त रही। जिले में 1740 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष रात नौ बजे तक महज 427 के ही परिणाम घोषित हुए थे। क्षेत्र पंचायत सदस्य के 2027 में से 56 निर्विरोध हो जाने के बाद 1971 पदों पर चुनाव हुआ था। इसमें 248 वार्डों के परिणाम ही जारी हुए थे। ग्राम पंचायत सदस्य के सिर्फ 143 पदों पर गिनती पूरी हुई थी। सबसे ज्यादा सुस्ती जिला पंचायत सदस्य के परिणामों की रही। रात नौ बजे तक किसी भी वार्ड का परिणाम स्पष्ट नहीं हुआ था। कहीं तीन राउंड तो कहीं चार-पांच राउंड की गिनती के बाद मामला अटका था।