गुरुवार की रात सिविल लाईन स्थित सर्राफा व्यवसायी से हुई डकैती के बाद शोरूम मालिक से पूछताछ करते आईजी जोन वाराणसी विजय सिंह मीणा ।
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जौनपुर में एसपी कार्यालय के पीछे सराफा कारोबारी के यहां गुरुवार की रात सवा नौ बजे एक करोड़ की डकैती मामले में छह अज्ञात बदमाशों पर देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वारदात के विरोध में सराफा कारोबारियों ने शुक्रवार को दुकानें बंद रखीं।
आईजी वाराणसी जोन विजय सिंह मीणा ने मौका मुआयना किया और पीड़ित के बदलापुर पड़ाव स्थित घर जाकर घटना कीं जानकारी ली। बदलापुर पड़ाव के मूल निवासी सुरेश सेठ की श्री महालक्ष्मी ज्वैलर्स नाम से एसपी आफिस के पीछे दुकान है। गुरुवार रात सवा नौ बजे चार बाइक से आए नौ नकाबपोश बदमाश असलहा लहराते हुए दुकान में घुस गए।
यहां सुरेश सेठ पर हमला कर तकरीबन एक करोड़ के गहने और तीन लाख नकद बैग एवं झोले में भरकर चले गए। मामले में सुरेश ने देर रात अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लाइन बाजार थाने में केस दर्ज कराया। घटना के विरोध में शुक्रवार को सराफा दुकानें बंद रहीं।
सराफा कारोबारियों ने तीन दिन में वारदात का पर्दाफाश नहीं होने पर जिले भर की सराफा दुकानें बंद कर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। व्यापार मंडल, कांग्रेस और अन्य संगठनों से जुड़े लोगों ने डीएम एवं आईजी को पत्रक सौंपकर घटना पर विरोध जताया है।
जौनपुर एवं आजमगढ़ के बदमाशों पर वारदात को अंजाम देने का शक पुलिस को है। इसमें कुछ ऐसे बदमाश हैं, जिन्होंने हाल ही में एक अधिवक्ता की हत्या की थी। उधर, शुक्रवार की दोपहर आईजी विजय सिंह मीणा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण सुराग मिले है। जल्द घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
आजमगढ़ और जौनपुर के शातिर बदमाशों पर शक
जौनपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीछे लाइन बाजार थाना क्षेत्र के सिविल लाइन में सराफा कारोबारी सुरेश सेठ के यहां हुई डकैती के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस को आजमगढ़ एवं जौनपुर जिले के कुछ शातिर बदमाशों पर डकैती की घटना को अंजाम देने का शक है।
जफराबाद इलाके के पांच गांवों के शातिर बदमाश पुलिस सर्विलांस पर हैं। पूछताछ के लिए पुलिस ने तीन लोगों को उठाया है। इनसे कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। बदलापुर पड़ाव दिलाजाक मोहल्ला निवासी सेठ चुन्नीलाल के चार पुत्र हैं।
सबसे बड़े गुडडू सेठ की सिविल लाइन में मां लक्ष्मी ज्वेलर्स, दूसरे पुत्र सुरेश सेठ की श्री महालक्ष्मी ज्वेलर्स, तेजू सेठ की श्रीलक्ष्मी ज्वेलर्स नाम से 100 मीटर के दायरे में दुकानें हैं। चौथे भाई मंगल सेठ की दुकान हनुमान घाट के निकट है। सुरेश सेठ के मृदुभाषी एवं मिलनसार होने के कारण पुलिस वालों का उनके यहां बैठना- उठना रहता है।
घटना के दिन भी एसओ महिला कुछ सिपाहियों के साथ बैठी थीं। उनके पूर्व भी कुछ महिला सिपाही खरीदारी करने गई थीं। यूपी 100 और लाइन बाजार पुलिस का भी सुरेश सेठ के यहां आना-जाना लगा रहता है। सुुरेश सेठ की फर्म श्री महालक्ष्मी ज्वेलर्स फर्म एक्सिस बैंक के ठीक सामने है।
सुरेश ने बताया कि गुरुवार की रात नौ बजे के बाद हेलमेट पहने और मुंह बांधे छह बदमाश दुकान में घुसे। बदमाशों ने काले रंग का एक बैग मेरे ऊपर फेंककर धमकी देते हुए गहनों को भरने के लिए कहा। जरा सी देर होने पर उनके सिर पर पिस्टल के बट से प्रहार कर दिया।
कई दिनों से खरीदारी करने के बहाने आ रहा था युवक
श्री महालक्ष्मी ज्वेलर्स पर एक युवक कई दिनों से गहनों की खरीदारी के लिए बार-बार आ रहा था लेकिन उसने गहनों की खरीद नहीं की। उसने डायमंड के गहने भी निकलवाकर देखे थे। सुरेश ने यह बात पुलिस अधिकारियों की बताई तो पुलिस ने उनका सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर देखने का प्रयास शुरू किया लेकिन सीसीटीवी का बैकअप नहीं दिख सका।
आईजी ने हार्ड डिस्क वाराणसी मंगा ली है। युवक की शिनाख्त होने के बाद पुलिस के हाथ एक ऐसा सुराग लग जाएगा, जिससे आसानी से डकैतों तक पहुंच सकेगी। युवक और सिपाहियों पर मुखबिरी करने का शक है। डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश जब बाहर निकलकर फायरिंग पिस्टल से करने लगे तो फल विक्रेता प्रमोद गुप्ता की दुकान पर गोली चली गई।
इससे गुस्साएं प्रमोद ने बदमाशों पर भागने के दौरान दो - तीन ईट चलाएं लेकिन ईट बदमाशों को नहीं लग सकी। अगर लगती भी तो बदमाश हेलमेट पहने हुए थे। एक प्रश्न लोगों को बार - बार कुरेद रहा है कि बदमाशों ने दुकान के अंदर फायरिंग क्यों नहीं की। जबकि बाहर निकलते ही उन्होंने बीस से अधिक राउंड गोलियां हवा में चलाईं।
वीडियो बनाने वाला युवक कौन
सूत्रों की मानें तो सराफा के यहां डकैती की घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों का आस-पास की छत से एक युवक वीडियो बना रहा था। लेकिन वीडियो न तो पुलिस के हाथ लग सका है और न ही सराफा कारोबारी को ही वीडियो बनाने वाले ने दिया है।
ऐसे में आशंका है कि बदमाशों के भय से युवक वीडियो पुलिस को देने का साहस नहीं जुटा सका। अगर पुलिस के हाथ वीडियो लग जाता तो खुलासे में काफी मदद मिल जाती।