जौनपुर। शहर में भवनों के निर्माण से पहले मास्टर प्लान से नक्शा पास कराना जरूरी है। अब तक 100 भवन स्वामियों को नोटिस भेजी गई है, जो बिना नक्शा पास कराए भवन बना लिए हैं
नगर के विनियमित क्षेत्र में जिन लोगों के बगैर नक्शा के भवन बने हैं। मास्टर प्लान कार्यालय उनके खिलाफ अभियान चला रहा है। अगस्त में अब तक 100 लोगों को नोटिस दी जा चुकी है। प्रयास है कि ज्यादा लोग नक्शा बनवाकर बकाया शुल्क जमा कर दें, जिससे शहर क्षेत्र का विकास कराया जा सके। अगर विकास शुल्क जमा हुआ तो करीब दो से ढाई करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होगी। मास्टर प्लान कार्यालय की तरफ से ऑनलाइन प्रक्रिया की भी शुरुआत की जा रही है। नगरीय क्षेत्र में 47 हजार भवन हैं। इसमें काफी संख्या में ऐसे भवन हैं, जो बिना नक्शे के ही बने हैं। प्रशासन की तरफ से ऐसे भवन मालिकों को सहूलियत दी जा रही है कि वह स्वयं से नक्शा स्वीकृत कराने को आवेदन करें अन्यथा कड़ी कार्रवाई होगी। मास्टर प्लान कार्यालय में 650 भवन स्वामियों का नक्शे पेंडिंग हैं। इन्होंने विकास शुल्क या कोई अन्य फीस नहीं जमा की। इससे नक्शा पास नहीं हो सका।
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नक्शा पास कराने की प्रक्रिया
आवेदक पहले मास्टर प्लान कार्यालय से प्रोफार्मा लेकर आवेदन करेंगे। इसके छह माह बाद मामले में सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में सभी प्रस्तुत आवेदन पत्रों पर सुनवाई होगी। इसमें भवन का नक्शा बनवाकर पेश करना होगा, इसके बाद नगर पालिका से एनओसी ली जाएगी। भवन नजूल की भूमि पर तो नहीं है। वहीं अग्निशमन विभाग में भी एनओसी के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद विकास शुल्क, जुर्माना के बाद नक्शा पास कर दिया जाएगा।
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वर्जन ...
जिन भवन स्वामियों ने भवन का नक्शा नहीं पास कराया है, वह मास्टर प्लान कार्यालय से संपर्क नक्शा पास करा लें। आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद जुर्माना व विकास शुल्क जमा करने के बाद भवन का नक्शा पास कर दिया जाएगा। नहीं तो ऐसे भवन के खिलाफ ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया की जाएगी।
-इंद्रनंदन सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट