जौनपुर। जिले में सीमाओं को सील करने के बाद भी प्रशासन का रवैया सोमवार को भी ढुलमुल ही रहा। सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और वाराणसी की सीमा से बसों व ट्रकों के माध्यम से लोगों की आवाजाही होती रही। तमाम लोग पैदल ही बार्डर पार कर जौनपुर की सीमा में प्रवेश कर गए। मुख्य मार्ग पर सीमा पर तैनात पुलिस वालों ने लौटा दिया तो लोग खेतों व गांवों के रास्तों से आगे बढ़ते रहे।
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने रविवार की रात ही स्पष्ट निर्देश था कि सभी प्रदेश और जिले की सीमाएं सील कर दी जाएं। जो व्यक्ति जहां है, वहीं रहेगा। उसी जिले में आश्रय स्थलों के अंदर उनकी देखभाल की जाएगी। शासन के निर्देश पर प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, आजमगढ़, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी और गाजीपुर से लगती जिले की सीमाओं पर सील करते हुए चौकसी बढ़ा दी गई। अनिवार्य सेवाओं वाले वाहनों को छोड़कर किसी भी जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं देने का निर्देश। बावजूद तमाम वाहन बार्डर पार दिनभर आते-जाते। इन्हीं वाहनों के सहारे परदेश से घर लौट रहे लोगों का भी प्रवेश होता रहा। गौराबादशाहपुर के पास आजमगढ़ की सीमा पर कई वाहनों को लौटा दिया गया। रामपुर में भदोही सीमा पर भी यात्रियों से भरे वाहन लौटाए गए, मगर सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज की तरफ से वाहनों की आवाजाही होती रही।
ले जाओ, कहीं छोड़कर आओ
जलालपुर। वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर चार दिनों से दिल्ली से निकले राहगीरों को जौनपुर पहुंचने पर रोडवेज की बस में बैठाकर बनारस की ओर रवाना कर दिया गया। जलालपुर के पास जब बस रोककर सीमा सील होने के बाद भी सवारी लेकर जाने के बारे में पूछा गया तो चालक का कहना था कि उसे यह निर्देश मिला है कि इन लोगों को जिले की सीमा से बाहर कहीं छोड़कर आओ। बार्डर के कुछ दूर बाद सभी को उतार दिया जाएगा।
गुजरती रहीं बसें, पैदल भी आते दिखे लोग
बदलापुर/सिंगरामऊ। प्रतापगढ़ की सीमा पर यात्रियों से भरी बसों की आवाजाही जारी रही। सोमवार की दोपहर तक रोडवेज की नौ बसें आईं थी, जिसमें सवार सभी यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग की गई। कुछ लोग पैदल ही आते दिखे। उन्हें भी रोककर जांच की जाती रही। सीमा पर शाम चार बजे तक330 लोगों का थर्मल स्कैनिंग हुआ था। सुल्तानपुर, लखनऊ से पैदल आ रहे यात्री आजमगढ़, फूलपुर, केराकत आदि जगहों पर लोग वाहन न मिलने की वजह से पैदल ही जा रहे थे। चौकिया जौनपुर निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उसे सुल्तानपुर में ही बस से उतार दिया गया, जिसके बाद वह पैदल ही आ रहा है। बाहर से आने वालों को बदलापुर के सल्तनत बहादुर इंटर कॉलेज में रखने की व्यवस्था की गई है, मगर सही मॉनिटरिंग के अभाव में कई लोग वहां से चुपचाप निकल गए।
वाराणसी से आई तीन बसों को भदोही सीमा से लौटाया
रामपुर। जौनपुर-भदोही बार्डर पर स्थित सिधवन चौकी के पास पिंडारा से चंदौली को जाने वाली तीन बसों को लौटा दिया गया। सीमा बंद होने के चलते इन बसों को सिंधोरीबीर के रास्ते जमालापुर से रामपुर होते भदोही के रास्ते चंदौली की तरफ ले जाया जा रहा था। भदोही सीमा पर सिधवन चौकी के पास पुलिस ने बसों को रोक दिया। बार्डर बंद होने का हवाला देते हुए उन्हें फिर से उसी दिशा में लौटा दिया गया। बसों में करीब दो सौ यात्री सवार थे।