जौनपुर। कोरोना के संक्रमण के बाद ग्रामीण इलाकों में निजी अस्पताल बंद होने से जिला महिला अस्पताल में प्रसव का लोड बढ गया है। पहले अस्पताल में रोजाना करीब 25 प्रसव होते थे, जो अब बढ़कर 30 तक हो गया है। चिकित्सकों की मानें तो प्रसव के काम आने वाले जरूरी सामान भी अस्पताल में खत्म होने लगे हैं। सीएमएस ने जिला मुख्य चिकित्साधिकारी को डिमांड पत्र भेज दिया गया है।
जिला महिला अस्पताल में पिछले चार दिन हुए प्रसव की संख्या पर नजर डाले तो 26 मार्च के कुल 54 महिलाएं चेकअप के लिए पहुंची। जिसमें से 34 का प्रसव कराया गया। 20 की रूटीन जांच करने के बाद छोड़ दिया गया। इसी प्रकार 27 मार्च को अस्पताल में जांच के लिए 48 महिलाएं पहुंची थी। इनमें 28 का प्रसव कराया गया। अन्य बीस महिलाओं की जांच के बाद दवा देकर छोड़ दिया गया। 28 मार्च को 51 गर्भवती की जांच की गई थी, जिसमें 30 का प्रसव कराया गया। 21 को चिकित्सकीय जांच करने के बाद छोड दिया गया। सीएमएस डॉ.आरएस सरोज का कहना है कि लॉकडाउन के बाद से ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों के भी निजी अस्पताल बंद हैं। इस कारण महिला अस्पताल में प्रसव का दबाव बढ गया है। प्रतिदिन करीब 30 प्रसव कराया जा रहा है, जबकि लॉक डाउन से पहले यह संख्या 24-25 की थी।
सीएमएस भेजा डिमांड पत्र
जौनपुर। जिला महिला अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं की संख्या बढने से दबाव बढ़ गया है। जिसके चलते प्रसव के काम आने वाले सामानों की कमी हो गई है। सीएमएस ने मास्क, परीक्षण ग्लब्स, हैंसवास, सैनिटाइजर और सोडियम हाइपर क्लोराइड उपलब्ध कराने के लिए सीएमओ को पत्र लिखा है।