फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाइयों की कलाई पर बांधी स्नेह की डोर

Fri, 19 Aug 2016 12:50 AM IST
jaunpur
विज्ञापन
राखी बांधने के लिए जिला कारागार के मुख्य द्वार पर खड़ी महिलाएं। - फोटो : jaunpur
विज्ञापन
भाई और बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन गुरुवार को धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनसे रक्षा का वचन लिया। भाइयों का मुंह मीठा कराया। उसके बदले में भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट किए। राखी बांधने के लिए कुछ बहने जहां  भाई के घर के पहुंची तो कु छ भाई  खुद बहनों के घर पहुंचे और राखी बंधवायी। सुबह से ही घरों में उत्साह का माहौल रहा। लोग सवारी के लिए परेशान दिखे।  
विज्ञापन


रक्षा बंधन भाई बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। रक्षा बंधन को लेकर सुबह से घरों में खासा उत्साह का माहौल रहा। व्रती बहनों ने सुबह तैयार होकर पूजा की थाली सजाई और भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी आरती उतारी। पर्व की एक और खासियत यह है कि यह धर्म जाति व देश की सीमाओं से परे है। राखी के रूप में बहन द्वारा बांधा गया धागा धन, शक्ति, हर्ष और विजय देने में समर्थ माना जाता है।

उधर  तमाम बहनें अपने उन भाइयों को राखी बांधने जेल पहुंचीं जो किसी न किसी मामले में जेल में बंद हैं। जेल पर सुबह से ही बहनों की भीड़ जमी थी। जेल प्रशासन ने रक्षाबंधन पर बंदियों के लिए खास इंतजाम किया था। जिनकी बहने राखी बंाधने नहीं गई उनके चेहरे पर उदासी के भाव थे। महिला समाख्या सहित कई स्वयं सेवी संगठनों की महिलाओं ने बंदियों को राखी बांधी।
विज्ञापन

वहीं बहनों ने राखी बांधी तो भाइयों ने उन्हें उपहार दिए साथ ही उनकी रक्षा का वचन भी दिया। इस दौरान कई भाई-बहन भावुक हो उठे। पास खड़े लोगों की आंख्‍ाें भी नम हुए बिना नहीं रह सकीं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें