दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में ब्लड बैंक का 21 माह से लाइसेंस नवीनीकरण नहीं हो पाया है। आठ सितंबर 2021 को लाइसेंस की वैद्यता खत्म होने के बाद बिना नवीनीकरण ही ब्लड बैंक चल रहा है। ये हालत तब है जब समय-समय पर स्वास्थ्य मंत्री, कमिश्नर, डीएम और सीएमओ वहां का दौरा करते हैं।
दीनदयाल अस्पताल में दूसरे तल पर ब्लड बैंक में कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट भी है। ब्लड बैंक संचालन के गाइडलाइन के अनुसार लाइसेंस की कॉपी नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से चस्पा होनी चाहिए, ताकि रक्तदान करने या फिर किसी मरीज के लिए रक्त लेने वालों को जानकारी मिल सके। वर्तमान में वहां कोई नोटिस नहीं है। कुछ दिन पहले तक नोटिस लगाई गई थी, जिसे अब हटा लिया गया है। लाइसेंस नवीनीकरण के लिए अब तक कई बार प्रदेश और केंद्रीय स्तर की टीम दौरा भी कर चुकी है। कुछ कमियों के कारण अभी तक नवीनीकरण की प्रक्रिया पूर्ण नही हो सकी है।
कई बार मिल चुका अवॉर्ड, तब है ये हाल
दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल को शासन की ओर से कई बार कायाकल्प, इको फ्रेंडली अवॉर्ड भी मिल चुका है। इसके तहत नगद धनराशि और प्रमाणपत्र भी मिल चुके हैं। सीएमओ समेत अन्य अधिकारी अस्पताल प्रशासन को बधाई भी दे चुके हैं। इस तरह की उपलब्धि हासिल करने के बाद भी लाइसेंस नवीनीकरण नहीं हो सका। इस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
कोट
लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया में जो थोड़ी बहुत कमियां थीं, उसे दूर कर लिया गया है। बाकी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई हैं। उम्मीद है कि दस दिन के अंदर नवीनीकरण का पत्र भी मिल जाएगा। इसके बाद उसे नियमानुसार ब्लड बैंक के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करा दिया जाएगा। -डॉ. प्रेम प्रकाश, चिकित्सा अधीक्षक एवं ब्लड बैंक प्रभारी