स्थानीय तहसील क्षेत्र में मतदाता पहचान पत्र वितरण में लापरवाही पाए जाने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने दो बीएलओ (बूथ लेवल आफिसर) के वेतन पर रोक लगा दी है। इस कार्रवाई से अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। तहसील क्षेत्र में अधिक से अधिक मतदान के लिए एक तरफ युद्ध स्तर पर मतदाता पहचान पत्रों का निर्माण कराया जा रहा तो दूसरी तरफ पहचान पत्र मतदाताओं को मिला या नहीं इसकी बूथवार जांच भी की जा रही है। जांच के दौरान ही पता चला कि बीएलओ ने तहसील से मतदाता पहचान पत्र रिसीव कर उसे वितरण करने की सूचना भी दे दी लेकिन मौके पर लोगों के हाथ में अभी तक पहचान पत्र नहीं मिला।
इस तरह की खामी पाए जाने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार ने दो बीएलओ का वेतन रोकने का आदेश दिया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मछलीशहर और मुंगराबादशाहपुर विधानसभा के 12 बूथों का निरिक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घघरिया और कुरनी बूथ के बीएलओ द्वारा पचास प्रतिशत भी वोटर आईडी कार्ड नहीं बांटे जाने पर नाराजगी जताई। दोनों बीएलओं को चेतवानी देते हुए उनके वेतन पर रोक लगा दी। उन्होंने सभी बीएलओ को डोर टू डोर जाकर वोटर आईडी कार्ड वितरित करने का निर्देश दिया है। कहा कि मतदान से पहले-पहले हर मतदाता को उसका कार्ड मिल जाना चाहिए। अगर फिर लापरवाही संज्ञान में आई तो कार्रवाई होगी।