पीडीडीयू नगर। आरपीएफ की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत बचपन बचाओ आंदोलन और चाइल्ड लाइन के सहयोग से मंगलवार को ओखा एक्सप्रेस से सात किशोरों को रेस्क्यू किया गया। सभी किशोर किशनगंज और कटिहार जिले से अहमदाबाद कपड़ा फैक्टरी में काम करने जा रहे थे।
आरपीएफ निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि नाबालिगों को औद्योगिक शहरों में काम कराने के लिए ले जाया जाता है। ऐसे नाबालिगों को बचाने के लिए आरपीएफ ऑपरेशन आहट चला रही है। वहीं कई बार बच्चे किसी बात से नाराज होकर अथवा भटक कर स्टेशन पर आ जाते हैं। ऐसे बच्चों के लिए ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार की सुबह बचपन बचाओ आंदोलन और चाइल्ड लाइन के सहयोग से चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इस बीच प्लेटफॉर्म संख्या 3 पर डाउन गाड़ी संख्या अप 15636 ओखा एक्सप्रेस खड़ी थी। इसके जनरल कोच में जांच की गई तो 7 नाबालिग मिले। इनसे बात करने पर पता चला कि वे अहमदाबाद में कपड़ा फैक्टरी में काम करने जा रहे हैं। इस पर सभी को नीचे उतारा गया। इनके परिवार वालों को सूचना दी गई। वहीं सभी को घर तक पहुंचाने के लिए चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया।