जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में करारी हार के बाद आयोजित सपा की समीक्षा बैठक से पार्टी के बड़े नेताओं ने किनारा कर लिया। रविवार को जिला कार्यालय पर आयोजित सपा की बैठक में जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव, जिला महासचिव हिसामुद्दीन, पूनम मौर्या और श्याम बहादुर पाल, राहुल त्रिपाठी को छोड़कर कोई बड़ा चेहरा नजर नहीं आया। जबकि 15 जुलाई को राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से प्रस्तावित प्रदेश व्यापी आंदोलन की तैयारी को देखते हुए यह बैठक काफी अहम थी।
दरअसल, जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी की असफलता के बाद ही पार्टी के अंदरखाने में चल रही गुटबाजी सामने आने लगी थी। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद ही पार्टी के एक बड़े नेता के खिलाफ नारेबाजी का वीडियो भी वायरल हो चुका है। इधर ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भी सपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। मछलीशहर और धर्मापुर को छोड़ किसी भी ब्लॉक में पार्टी के प्रत्याशी को जीत नहीं मिली। जबकि इस चुनाव में सभी प्रमुख नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। शाहगंज के विधायक शैलेंद्र यादव की भयोहू भी सोंधी विकास खंड से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव हार गईं। रविवार को जिला कार्यालय पर बुलाई गई बैठक में जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में पार्टी की हार की समीक्षा होनी थी और 15 जुलाई को प्रस्तावित प्रदेश व्यापी आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति तय होनी थी। इस लिहाज से सपा की यह बैठक काफी अहम मानी जा रही थी, लेकिन पार्टी के बड़े नेता बैठक से कन्नी काट गए। हालांकि जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव का कहना है कि बैठक में विधानसभा इकाइयों के पदाधिकारी आए थे।