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जौनपुर: पूर्व सांसद धनंजय सिंह को बड़ा झटका, नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर के अपहरण-रंगदारी मामले में आरोप तय

Sat, 02 Apr 2022 04:46 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर

सार

नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल का अपहरण कर रंगदारी मांगने के मामले में आरोपित पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके करीबी को अदालत से झटका लगा है। 
 
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धनंजय सिंह - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को बड़ा झटका लगा है। नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल के अपहरण, पिस्टल सटाकर रंगदारी मांगने, षड्यंत्र तथा गालियां और धमकी देने की धाराओं में पूर्व सांसद धनंजय सिंह व उनके करीबी संतोष विक्रम सिंह पर कोर्ट ने आरोप तय कर दिया है।

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शनिवार को धनंजय और संतोष विक्रम अपर सत्र न्यायाधीश छह ( एमपी-एमएलए कोर्ट) में पेश हुए। सरकारी वकील अरुण पांडेय और सतीश रघुवंशी के प्रार्थना पत्र पर वादी अभिनव सिंघल की गवाही के लिए के लिए 15 अप्रैल की तिथि तय की गई है।  मुजफ्फरनगर निवासी अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को थाना लाइन बाजार में अपहरण, रंगदारी व अन्य धाराओं में पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके साथी संतोष विक्रम पर मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस ने धनंजय सिंह को किया था गिरफ्तार

आरोप लगाया गया था कि संतोष विक्रम दो साथियों के साथ उनका अपहरण कर पूर्व सांसद के आवास पर ले गए। वहां धनंजय सिंह पिस्टल लेकर आए। गालियां देते हुए सामग्री की आपूर्ति करने के लिए दबाव बनाया।  इंकार करने पर धमकी देते हुए रंगदारी मांगी। मामले में पूर्व सांसद की  गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि बाद में उच्च न्यायालय इलाहाबाद से जमानत हुई।

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पिछली सुनवाई में धनंजय और संतोष विक्रम ने इस मामले में उन्मोचन (नाम हटाने) का प्रार्थना पत्र अपर सत्र न्यायाधीश षष्टम शरद त्रिपाठी की कोर्ट ने दिया था। जिसे अदालत ने निरस्त कर दिया था।  शनिवार को दोनों आरोपी पूर्व सांसद धनंजय सिंह व संतोष विक्रम न्यायालय में उपस्थित हुए और आरोप तय हुआ।  अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। 
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