जौनपुर जिले के मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के निकुंभपुर सेऊर प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन में रखे गए एक व्यक्ति की शनिवार की रात मौत हो गई। वह भदोही जिले का निवासी था। तीन दिन पूर्व पत्नी और कुछ रिश्तेदारों के साथ ऑटो से मुंबई से ससुराल आया था। मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बिना कोई जांच या सैंपल लिए शव उसके घर भेज दिया। इस घटना से क्वारंटीन में रखे गए अन्य लोगों में दहशत है।
भदोही जिले के चौरी थाना क्षेत्र के बरदहा निवासी राजकुमार गौड़ (45) तीन दिन पूर्व मुंबई से ऑटो रिक्शा लेकर पत्नी शकुंतला, साला रामआसरे सहित पांच लोगों के साथ सेउर गांव स्थित ससुराल आया था। इन सभी को निकुंभपुर प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन में रखा गया था। इसमें राजकुमार की तबीयत खराब चल रही थी, मगर सेंटर पर थर्मल स्क्रींनिग नहीं कराई गई।
ग्रामीणों के मुताबिक, शनिवार की रात राजकुमार की तबीयत बिगड़ने पर ससुरालीजन सीएचसी रामनगर ले गए। वहां हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव एंबुलेंस से उनके घर बरदहा चौरी भेज दिया गया। रामनगर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि राजकुमार मधुमेह रोगी थी।
उसे पूर्व में दो बार हार्ट अटैक आ चुका था। उसे सीने में दर्द की शिकायत थी। जिला अस्पताल भेज दिया गया था। जबकि जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके शर्मा ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के चंद मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई थी। जिला अस्पताल में सैंपल नहीं लिया गया था। मड़ियाहूं एसडीएम कौशलेश मिश्र ने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि चिकित्सकों से इस बारे में जानकारी लेंगे। संभव है कि मरीज में कोई संदिग्ध लक्षण नहीं रहा हो, इसलिए सैंपल नहीं लिया गया होगा।