जौनपुर। कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। मंडल स्तर पर बने कोविड लेबल वन अस्पताल में बिस्तर भर जाने के कारण वाराणसी प्रशासन ने अन्य जिलों के मरीजों को रखने से इंकार कर दिया है। इसके चलते मीरपुर रैन बसेरा को 150 बेड के लेबल वन कोविड अस्पताल बनाकर मरीज रखे जाने लगे हैं। इसमें गाजीपुर के भी मरीज रखे जाएंगे। कोरोना के रोगी को सांस की तकलीफ हो सकती है लेकिन यहां न तो वेंटिलेटर है और न ही कोई अन्य उपकरण।
मार्च में कोरोना संक्रमण के शुरुआती चरण में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का स्थानीय स्तर पर ही उपचार किया जा रहा था। तब मरीजों की संख्या दो ही थी। उनकी देखभाल के लिए डॉक्टरों-कर्मचारियों की पूरी टीम लग दी गई थी। बाद में मंडल स्तर पर ही उपचार की व्यवस्था शुरू की गई। वाराणसी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय में वाराणसी, जौनपुर, चंदौली और गाजीपुर जिले के कोरोना रोगियों का उपचार किया जाने लगा था। प्रवासी मजदूरों के आने के बाद मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। रोजाना नए मरीज मिल रहे हैं। जौनपुर में 31 मरीज आ चुके हैं, जिनमें से 22 का इलाज चल रहा है। गाजीपुर में कोरोना के 40 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। वाराणसी में मरीजों का आंकड़ा 101 तक पहुंच गया है। ग्रीन जोन में शामिल रहे चंदौली में भी अब लगातार नए मरीज मिल रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण वाराणसी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में बेड कम पड़ने लगे हैं। लिहाजा वहां मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में शहर से सटे मीरपुर के रैन बसेरे को कोविड के एल-1 अस्पताल के रूप बदल दिया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के उन अस्पतालों में भी कोरोना मरीज रखे जाएंगे, जहां कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। सोमवार को जिले में मिले चार नए मरीजों को यहीं के एल-1 कोविड अस्पताल में रखा गया है। गाजीपुर जिले से आए एक मरीज को सिकरारा के चांदपुर सीएचसी में शिफ्ट किया गया है। इनमें कहीं भी वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है।
पूरे जिले में सिर्फ चार वेंटीलेटर
जौनपुर। कोरोना वायरस सीधे तौर पर मरीज के फेफड़ों को प्रभावित करता है। लिहाजा उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। ऐसी स्थिति में मरीजों के लिए वेंटीलेटर की जरूरत किसी भी समय पड़ सकती है। जिला स्तर पर बनाए गए एल-1 श्रेणी के अस्पताल में वेंटीलेटर तो दूर दूसरे जरूरी उपकरण भी नहीं हैं। केवल निर्धारित दूरी पर बिस्तर लगा दिए गए हैं। ऑक्सीजन सिलिंडर के इंतजाम किए गए हें। जिले में जफराबाद में बने ट्रामा सेंटर में चार वेंटिलेटर हाल ही में मंगाए गए हैं।
डीएम ने किया रैन बसेरा का निरीक्षण
जौनपुर। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने सीएमओ डॉ. रामजी पांडेय और डॉ. आरके सिंह के साथ मीरपुर में बने अस्थाई कोविड-19 अस्पताल का निरीक्षण किया। डीएम ने नगर पालिका के ईओ को अस्थाई अस्पताल की सफाई के लिए 2-2 सफाई कर्मियों की 8-8 घंटे की ड्यूटी लगाने को निर्देशित किया। हिदायत दी कि यहां पर किसी प्रकार की गंदगी न रहे और अस्थाई अस्पताल को पूरी तरह से सेनीटाइज किया जाए।
मीरपुर में स्थित रैन बसेरा को एल-1 श्रेणी अस्पताल के समकक्ष घोषित किया गया है। जौनपुर और गाजीपुर के मरीज यहीं रखे जाएंगे। इसमें कोरोना के वही मरीज रहेंगे, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, मगर उनमें सांस फूलने, खांसी जैसे लक्षण नहीं है। कोरोना के सभी मरीजों को वेंटिलेटर की जरुरत नहीं होती। आपात स्थिति के लिए चार वेंटिलेटर जिले में है। डॉक्टर, कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर यहां शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। -डॉ. रामजी पांडेय, सीएमओ।
11- चौकियां क्षेत्र के मीरपुर गांव स्थित शेल्टर होम का निरीक्षण करने पंहुचे डीएम दिनेश कुमार सिंह ?- फोटो : JAUNPUR