मल्हनी। उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा रविवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रवेश परीक्षा में तार्किक प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को उलझाया। प्रश्नपत्र में सवालों को लेकर अभ्यर्थियों का काफी मशक्कत करनी पड़ी।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी की देखरेख में हुई इस परीक्षा के लिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलसचिव केशलाल नोडल अधिकारी नामित रहे। उन्होंने बताया कि जौनपुर में कुल 27 केंद्रों पर दो पालियों में 17144 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
अभ्यर्थियों ने बताया कि तार्किक क्षमता, रसायन विज्ञान तथा गणित के कई प्रश्न काफी घुमावदार और समय लेने वाले रहे। जबकि हिंदी विषय में मुहावरे और संधि-विच्छेद से जुड़े प्रश्नों ने भी परीक्षार्थियों की परीक्षा ली।
तार्किक विषय में वर्णमाला आधारित प्रश्नों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक थी, इनमें कई प्रश्न भ्रमित करने वाले थे। भौतिक विज्ञान में विद्युत तथा जीव विज्ञान में न्यूरॉन से संबंधित प्रश्नों को हल करने में भी कठिनाई महसूस हुई। गणित में समाकलन, समीकरण, लाभ-हानि एवं साधारण ब्याज पर आधारित प्रश्न अपेक्षा से अधिक जटिल रहे। इनका जवाब लिखने में अधिक समय लगा।
सामान्य ज्ञान खंड में चौरी-चौरा कांड, साहित्यिक रचनाओं तथा समसामयिक घटनाओं से जुड़े प्रश्न पूछे गए। करंट अफेयर्स में विश्व कप से संबंधित प्रश्नों का उत्तर अधिकांश अभ्यर्थियों ने आत्मविश्वास के साथ दिया। परीक्षार्थियों का मानना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रश्नपत्र का स्तर मध्यम रहा और कटऑफ बढ़ने की संभावना है।
गणित के समीकरणों और रसायन विज्ञान के प्रश्न काफी जटिल थे। हिंदी के मुहावरों पर आधारित प्रश्नों को हल करते समय कई बार उलझन महसूस हुई।अंकित मौर्य
भौतिक विज्ञान में विद्युत से जुड़े प्रश्नों को हल करने में कुछ कठिनाई हुई। हालांकि कुल मिलाकर प्रश्नपत्र का स्तर मध्यम रहा। अच्छे अंक प्राप्त होने की उम्मीद है।सचिन कुमार
सामान्य ज्ञान और हिंदी विषय के प्रश्न अपेक्षाकृत सरल थे। उनका कहना है कि यदि हिंदी विषय की अच्छी तैयारी की जाए तो प्रश्न आसानी से हल किए जा सकते हैं। गणित में साधारण ब्याज से जुड़े प्रश्न पेचीदा रहे।अतुल मौर्य
सामान्य विज्ञान और तार्किक क्षमता के कई प्रश्न काफी घुमावदार थे। हिंदी में संधि-विच्छेद तथा तार्किक विषय के वर्णमाला आधारित प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को सोचने पर मजबूर कर दिया।किशन