फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर्मी में रहें सावधान बढ रहे कंजक्टिवाइटिस के मरीज

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। मौसम का पारा तेजी से चढ़ रहा हैं। ऐसे में हर किसी को आंख के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। तेजी से लोग आई फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों में बड़ी संख्या में इसके मरीज पहुंच रहे हैं। कंजक्टिवाइटिस यानी आई फ्लू बैक्टिरिया और वायरस की एलर्जी से होने वाली बीमारी है। यह बीमारी ज्यादातर धूल भरे मौसम और बारिश के दिनों में देखने को मिलती है। थोडी से लापरवाही बरतने पर आंख में परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में धूप में निकलते समय आंख की सुरक्षा जरूर करनी चाहिए।
विज्ञापन

वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र यादव का कहना है कि यह संक्रमण से होने वाली बीमारी है। जिले आई फ्लू के नाम से भी जानते हैं। इस बीमारी के होने पर आंखें लाल हो जाती हैं और पानी आने के साथ खुजली होने लगती है। जब भी मौसम नम होता है या धूल के कण उड़ने लगते हैं तो संक्रमण तेजी से फैलता है। हालांकि यह घातक बीमारी नहीं लेकिन परेशानी बढ़ा देती है। संक्रामक बीमारी होने के कारण यह तेजी से एक दूसरे में फैलता है। गांव की भाषा में इसे आंखों का आना भी कहते हैं। यदि परिवार में किसी को इस तरह की समस्या हो तो उसे दूसरों से दूर रखें। छुआछूत से परहेज करना चाहिए। आंख शरीर का सबसे नाजुक अंग होता है। ऐसे में आंख की सुरक्षा के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
विज्ञापन

बीमारी के यह हैं लक्षण---
कंजक्टिवाइटिस में आंखें लाल हो जाती हैं।
आंखों से पानी गिरने लगता है।
खुजली होने के कारण आंखें फूल जाती हैं।
कान, नाक और गले में संक्रमण होता है।
संक्रमण होने पर गले में खराश होता है।
सर्दी-जुकाम के वायरस होते हैं जिम्मेदार।
ठीक होने में दो सप्ताह का लगता है समय।
एक आंख के साथ दूसरी आंख भी होती है प्रभावित।
आंखों में किरकिरी (गड़ना) महसूस होना।
-- आंखों में पानी जैसा गाढ़ा डिस्चार्ज निकलना।
संक्रमण को फैलने से ऐसे रोकें
धूप में आंखों पर चश्मा जरूर लगाएं।
गंदे हाथ से आंख को बार-बार न छुए।
साफ -सफाई विशेष ध्यान रखना चाहिए।
आंख में खुजली होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
कास्मेटिक और रसायन का उपयोग करते समय बचें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें