जौनपुर। मौसम बदल रहा है। सुबह और देर रात ठंड महसूस करने लगे हैं। बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सतर्क नहीं रहने पर बच्चे हों या वयस्क बीमार पड़ रहे हैं। सर्दी-खांसी, एलर्जी, निमोनिया के साथ-साथ बुखार की चपेट में आ रहे हैं। अस्थमा के साथ दिल के मरीजों को सावधानी बरतने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। रात के समय पंखा चलाकर सोना स्वास्थ्य को बिगाड़ सकता है।
पिछले कुछ दिनों से अधिकतम तापमान 32 से 35 तो न्यूनतम 16-17 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच गया है। दिन में गर्मी महसूस हो रही है तो रात होते ही ठंड लगने लग रही है। ऐसे में वायरल बीमारियों के संक्रमण का खतरा अधिक है। मलेरिया, टायफायड का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना जैसे लक्षण होने के कारण इसकी गिरफ्त में आते ही लोग सहम जा रहे हैं। बेहतर होगा कि इस मौसम में सावधानी बरतते हुए खुद को सुरक्षित रखें। डॉक्टरों के मुताबिक गर्मी में कोरोना वायरस फैलने का एक बड़ा कारण संक्रमित छोटे आकार के एरोसॉल (हवा में मौजूद ठोस या वाष्प कण) के संपर्क में आना रहा। जाड़े में कोरोना संक्रमण फैलने का कारण सांस छोड़ने, खांसने या छींकने के दौरान मुंह और नाक से निकली बूंदों के सीधे संपर्क में आने की आशंका है।
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शिशुओं को पूरे शरीर का कपड़ा पहनाएं
नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शुक्ल का कहना है कि ठंड शुरू हो चुकी है। शिशुओं के स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। निमोनिया, सर्दी जुकाम, कोल्ड डायरिया से बचाने के लिए उन्हें पूरा बदन का कपड़ा जरूर पहनाएं। ठंड लगने पर सर्दी-खांसी, बुखार की चपेट में बच्चे आ सकते है। सांस लेने में दिक्कत होने पर इलाज नहीं करवाने से निमोनिया की संभावना बढ जाती है।
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दिल के मरीज हो जाएं सावधान
ठंक का मौसम दिल के मरीजों का दुश्मन होता है। ठंडक में हार्ट अटैक की घटनाएं बढ जाती हैं। साठ वर्ष से उपर के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपडा पहने। सुबह शाम विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे लोग जो दवा ले रहे हैं उन्हें नियमित दवा लेते रहना चाहिए। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वीएस उपाध्याय का कहना है कि सर्दी का मौसम दिल के मरीजों के लिए घातक होता है।
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सर्दियों में बढ जाती हैं यह बीमारियां
- ठंडक में बढ जाता है हार्ट अटैक का खतरा।
- शिशु निमोनिया की चपेट में आ सकते हैं।
- ठंड लगने पर कोल्ड डायरिया की संभावना।
- एलर्जी अथवा अस्थमा के बढ जाते हैं मरीज।
- सर्दी जुकाम की चपेट में आने का खतरा।
- ठंड में संक्रमण की संभावना अधिक होती है।
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सर्दियों में इन बातों का रखें ध्यान:::
- सर्दी में गर्म कपडा पहनना न भूलें।
- संक्रमण से बचाव के लिए भीड से बचें, मास्क लगाएं।
- तबीयत खराब होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
- जो चीज नुकशान करे उसका सेवन करने से परहेज करें।
- शिशुओं में सांस लेने में दिक्कत होने पर डाक्टर को दिखाएं।
( डॉ. आईएन तिवारी, डिप्टी सीएमओ जौनपुर)
जिला अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए आये मरीज।- फोटो : JAUNPUR