दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल आफ इकोनामिक्स प्रो. अजय कुमार सिंह ने कहा कि युवाओं को छात्र जीवन से ही अपने कॅरियर के प्रति सजग होना चाहिए।
स्कूली कक्षा से ही जीवन के लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। समुचित कॅरियर प्रबंधन के माध्यम से ही व्यक्ति जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा।
वह शनिवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एचआरडी विभाग की ओर से कान्फ्रेंस हाल में आयोजित व्यक्तित्व विकास विषय एक दिवसीय कॅरियर मैनेजमेंट कार्यशाला में बोल रहे थे।
उन्होंने ने कहा कि हर दिन विकसित हो रही नई तकनीकी और विज्ञान के युग में यह संभव नहीं है कि हम जिस संस्था से कॅरियर प्रारंभ करें उसी संस्था में अंत तक टिके रहें। जो व्यक्ति अपनी क्षमता खुद ही तय करता है और उसी के अनुरूप
संस्थान व जिम्मेदारियों को बदलते रहते हैं वही कैरिअर का समुचित प्रबंधन कर पाते हैं। ऐसा नहीं कर पाने पर उसे जीवन में अवसाद व कष्ट के दौर से गुजरना पड़ सकता है। व्यक्ति को ही नहीं बल्कि संस्थानों को भी अपने कर्मियों का
समुचित कॅरियर प्रबंधन करना आज की आवश्यकता है। अन्यथा उस संस्थान में कार्यरत कर्मियों की कार्यक्षमता व मनोबल पर उसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। संस्थान छोड़कर जाने वाले योग्य-अनुभवी कर्मियों की संख्या घटने से संस्थान को
चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कैरिअर प्रबंधन से संबंधित कई रोचक उदाहरण, छोटी-छोटी फि ल्मों को दृश्य-श्रव्य साधन के माध्यम से छात्रों के समक्ष प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया। छात्रों के कई सवालों के जवाब भी दिए।
कार्यक्रम के आरंभ में विभागाध्यक्ष डा. अविनाश पाथर्डीकर ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रमों की संक्षिप्त रूप-रेखा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि एचआरडी विभाग का उद्देश्य कुशल मानव संसाधन विकसित करना है। इसी दिशा में यह
कार्यशाला अति महत्वपूर्ण कड़ी है। अध्यक्षता प्रबंध संकायाध्यक्ष डा. एचसी पुरोहित ने की। उन्होंने कहा कि प्रबंध संकाय में व्यक्तित्व विकास के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते रहेंगे। धन्यवाद ज्ञापन डा. रशिकेश ने किया। संचालन अभिनव व अनुपम ने किया।