मछलीशहर। प्रदेश में बेसमेंट में अवैध रूप से संचालित हो रहे संस्थानों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत प्रशासनिक टीम ने नगर के दस अस्पतालों और एक कोचिंग सेंटर पर ताबड़तोड़ छापा मारा। इस दौरान टीम ने संस्थानों के पंजीकरण से लेकर सुरक्षा मानकों व फायर सेफ्टी को बारीकी से परखा। नियमों की धज्जियां उड़ाने पर टीम ने एक बड़े हॉस्पिटल का बेसमेंट सील कर दिया, जबकि तीन अन्य अस्पतालों व एक कोचिंग संस्थान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बुधवार को दोपहर में एसडीएम अजय उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी प्रतिमा वर्मा और सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर अजय सिंह के साथ चुंगी चौराहे पर स्थित सिटी हॉस्पिटल पहुंचे। वहां बेसमेंट में ओटी और ओपीडी चलती मिली। टीम ने बेसमेंट सील करने के साथ बेसमेंट में अस्पताल चलाने को बताने के लिए नोटिस जारी किया। इसके बगल स्थित कलावती हॉस्पिटल आयुर्वेद पद्धति से इलाज करने का पंजीकरण हुआ है, लेकिन एलोपैथ में इलाज किया जा रहा था। उनको भी अंग्रेजी दवा लिखने के लिए नोटिस जारी किया गया।
बेसमेंट में खुला था मेडिकल स्टोर और कंप्यूटर सेंटर
इसके बाद टीम अपोलो हॉस्पिटल पहुंची। यहां बेसमेंट के भीतर मेडिकल स्टोर चलता पाया गया। उन्हें भी अवैध रूप से बेसमेंट का व्यावसायिक उपयोग करने पर नोटिस दिया गया। कार्रवाई का यह हंटर सिर्फ अस्पतालों तक ही सीमित नहीं रहा। उपजिलाधिकारी अजय उपाध्याय ने बताया कि रोडवेज बस स्टैंड के पास तहसील वाली गली में संचालित एपीसीएस कंप्यूटर सेंटर की कक्षाएं भी बेसमेंट में चलती पाई गईं। टीम ने छात्रों की सुरक्षा को ताक पर रखने के लिए संचालक को कड़ी हिदायत देते हुए सेंटर बंद करने का नोटिस जारी किया।
जांच में कुछ के कागजात मिले दुरुस्त, कुछ मिले बंद
निरीक्षण के दौरान मीरपुर तिराहे पर स्थित ''कमला हॉस्पिटल'' और ''लालती हॉस्पिटल'' का बेसमेंट पूरी तरह खाली और सभी दस्तावेज वैध पाए गए। वहीं, बगल में स्थित ''जय मां सरस्वती हॉस्पिटल'' टीम के पहुंचने से पहले ही बंद मिला। इसके अलावा टीम ने सिंह नेत्रालय, कृष्णा हॉस्पिटल, मां विद्यावती हॉस्पिटल और एसआर हॉस्पिटल का भी सघन निरीक्षण किया।
तहसील क्षेत्र में किसी भी सूरत में सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। अगले चरण में बिना पंजीकरण के गुपचुप तरीके से चल रहे क्लीनिक, अवैध पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच कर उन्हें सील किया जाएगा।
डॉ. अजय सिंह, सीएचसी अधीक्षक