बारावफात के मौके पूरे शहर को गुरुवार को दुल्हन की तरह सजाया गया। इस मौके पर कोतवाली चौराहा स्थित मरकजी सीरत कमेटी के कैंप कार्यालय पर कौमी एकजहती कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जलसे की शुरुआत कारी जिया इस्तेयाक अहमद तिलावते कुरान पाक से की। इसके बाद कारी ने नाते नबी पेश कर लोगों की वाहवाही लूटी।
जलसे को खेताब करते हुए मौलाना वसीम शेरवानी ने कहा कि रबीउल अव्वल का महीना सारे महीनों से अलग है। इसी में नबी करीब सल्ललाहु अलैहे वसल्लम की पैदाइश हुई। उन्होंने समाज से बुराई को मिटाने के लिए हर कदम उठाया।
नबी की सुन्नतों पर चलना सभी मुसलमानों के लिए जरूरी है। मौलाना अफाक ने कहा कि इस्लाम एक मुकम्मल मजहब है, जो किसी की बुराई नहीं करता। हमेशा सच्चे और नेक रास्ते पर चलने की सीख देता है। इस्लाम को मानने वाला कभी
किसी को तकलीफ नहीं दे सकता। डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने कहा कि पूरे हिंदुस्तान में इस तरह की एकता देखने को नहीं मिलती। यहां सभी एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। एसपी राजू बाबू सिंह ने कहा कि यहां की तहजीब बहुत ही बेहतर
है। पूरे देश में इसी तरह से मिल-जुल कर रहना चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ने जौनपुर के लोगों में आपसी भाई चारा और एक दूसरे के त्योहरों में शामिल होने की सराहना की। डा. केपी यादव ने सभी
को नबी के वेलादत की मुबारकबाद दिया और नबी के बताए रास्ते पर चलने की सलाह दी। विधायक नदीम जावेद ने कहा कि कौमी एकजहती कार्यक्रम एक मिसाल है, जो पूरी दुनिया में कहीं भी देखने को नहीं मिलती। इस तरह के
कार्यक्रम से आपसी भाईचारा बढ़ता है। पूर्व सांसद कमला प्रसाद सिंह ने कहा कि नबी करीम की पैदाइश पर पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक एवं कमेटी के सदर हाजी अफजाल अहमद ने की।
इस मौके पर अनवारुल हक गुड्डू, असलम शेर खां, मौलाना असिफ, डा. पीसी विश्वकर्मा, सभाजीत द्विवेदी प्रखर, नायब सदर शकील, हसीन बब्लू, शकील अहमद, फिरोज अहमद, आरिफ हबीब, नियाज ताहिर शेखू, साजिद अलीम, श्रवण जायसवाल आदि मौजूद थे।