हजार और पांच सौ रुपये की नोट बंद किए जाने के बाद खाते से रूपये निकालने, नोट बदलने और रुपये जमा करने के लिए बैंकों में घंटो लाइन में खड़े होने वालों की भीड़ अब हिंसक होती जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश पर रविवार को अवकाश के दिन बैंक खुले रहे।
यूबीआई की नौपेड़वा शाखा का सुबह 9:30 बजे शटर खुला तो एक दूसरे से पहले बैंक में घुसने के लिए भगदड़ मच गई। तीन महिलाओं समेत पांच लोग घायल हो गए। स्थानीय एक निजी चिकित्सक के यहां उनका उपचार कराया गया।
उधर एसबीआई की सिकरारा शाखा में घंटों से लाइन में लगकर हैरान हो रहे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और शाखा प्रबंधक की कार क्षतिग्रस्त कर दी। बक्शा के सरायलोका स्थित यूबीआई की शाखा में लाइन में लगे ग्राहक आपस में ही भिड़ गए।
बदलापुर, लेदुका, खुटहन, शाहगंज, केराकत की बैंकों में भी लाइन में लगे लोगों और बैंक अधिकारियों, गार्ड से झड़प हुई। रविवार को अवकाश के दिन बैंक खुले रहे। सभी बैंकों पर लंबी लाइन सुबह सात बजे से ही लग गई थी। यूबीआई की नौपेड़वा शाखा में भी सुबह 6:30 बजे ही लोग लाइन लाइन में खड़े हो गए।
घंटों इंतजार के बाद करीब साढ़े नौ बजे जैसे ही शटर खुला तो लोग एक दूसरे से पहले बैंक में घुसने के लिए इस कदर उतावले हो गए। एक दूसरे के ऊपर चढ़ गए। नोट बदलने के लिए लाइन में खड़ी रन्नों गांव निवासी शहनाज बेगम, सितारुन्निशा, मोहम्मदपुर गांव की हिरावती देवी, केवटली गांव के सुबेदार और काजीनेवादा गांव निवासी हरिहर घायल हो
गए। पांचों लोगों को स्थानीय एक निजी चिकित्सक के पास पुहंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद छोड़ दिया गया। यूबीआई की मुख्य शाखा में सात बजे से लाइन लगी। शाम तक लाइन लगी है। बीच में नोक झोंक पुलिस से भी झड़प, बार बार सर्वर फेल हो जा रहा।
सिकरारा प्रतिनिधि के अनुसार एसबीआई की स्थानीय शाखा में घंटों से लाइन में लगे लोगों ने हल्ला मचाया बैंक अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो आक्रोश फूट पड़ा। बाहर खड़ी शाखा प्रबंधक की कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। शाखा प्रबंधक अर्चना सिंह ने बताया कि उनकी कार का शीशा तोड़ दिया गया और टंकी को ईंट से कूंच दिया गया। उन्होंने थाना प्रभारी को तहरीर देकर सुरक्षा व्यवस्था मांगी है।