बलवीर सिंह रंग पुरस्कार से सम्मानित योगेंद्र प्रताप मौर्य।
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जौनपुर। जिले के बरसठी ब्लाक में सहायक अध्यापक योगेंद्र प्रताप मौर्य को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ने बलवीर सिंह रंग पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्हें यह सम्मान नवगीत संग्रह चुप्पियों को तोड़ते हैं... के लिए प्रदान किया जाएगा। संस्थान की ओर से उन्हें 40 हजार रुपये नकद पुरस्कार व सम्मान पत्र मिलेगा। पुरस्कार की घोषणा होते ही योगेंद्र और उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
बरसठी बाजार के निवासी योगेंद्र प्रताप इसी ब्लाक के कंपोजिट विद्यालय मंगरा में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। शुरू से ही कविता, गीत लेखन में रुचि रखने वाले योगेंद्र प्रताप की पुस्तक चुप्पियों को तोड़ते हैं... वर्ष 2019 में बोध प्रकाशन की ओर से प्रकाशित हुई थी। इसमें उन्होंने सामाजिक विसंगतियों, अव्यवस्थाओं और कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए समाज को प्रेरित किया है। योगेंद्र की इससे पहले वर्ष 2016 में भी बाल साहित्य सूरज चाचा हाय-हाय... प्रकाशित हुई है। इसके लिए उन्हें भाऊराव देवरस संगठन की ओर से प्रताप नारायण मिश्र बाल साहित्य पुरस्कार मिला था। अब उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से प्रतिष्ठित बलवीर सिंह रंग पुरस्कार मिलने से उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं है। योगेंद्र प्रताप ने इसका श्रेय अपने पिता स्व. माधव प्रसाद मौर्य, मां अभिराजी देवी, बड़े भाई यादवेंद्र दत्त मौर्य उर्फ मुन्ना मौर्य, शुभम श्रीवास्तव ओम को दिया है। बताया कि बचपन में पिता भी रचनाएं लिखते थे। उन्हीं से यह प्रेरणा मिली। यश मालवीय के नवगीत को पढ़ते हुए उन्होंने लिखना शुरू किया।