श्रावण मास में भगवान भोले नाथ को जल चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में कांवरियां भगवा वस्त्र धारण किए हुए जयकारे के साथ नाचते गाते बाबा धाम के लिए रवाना हुए। शहर से लेकर ग्रामीण इलाके बाबा के जयकारे से गूंजते रहे। कई स्थानों पर कांवरियों का स्वागत किया गया।
बोल बम कांवारियां संघ चहारसू व बलुआघाट कांवरियां संघ द्वारा विशाल जुलूस गाजे बाजे के साथ धूम धाम के साथ निकला। सिपाह चौराहा, मानिक चौराहा, शाही किला होते हुए विसर्जन घाट स्थित मां दुर्गा मंदिर पर पहुंचा। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गो से होता हुआ मैहर देवी मंदिर पहुंचा।
वहां पर पूजा अर्चन करने के पश्चात जुलूस अपने निर्धारित रास्ते पालीटेक्निक चौराहा, रूहट्टा, ओलन्दगंज, चहारसू चौराहा, कोतवाली चौराहा, सब्जी मण्डी, अहियापुर से होते हुए भंडारी रेलवे जंक्शन पर पहुंचे। जहां से फरक्का ट्रेन बिहार के सुल्तानगंज के लिए रवाना हुए।
वहां से जल लेते हुए बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना होंगे। जुलूस में सुरेश सोनकर, मोहनलाल, राजेश निषाद, घनश्याम निषाद, मंजीत निषाद, सन्नी, भोला निषाद, टिन्कू निषाद, चुनमुन निषाद, मटरू निषाद, विनय निषाद आदि शामिल रहे। रामपुर: बाजार कांवरियाँ का पहला जत्था बैजनाथ धाम देवघर के लिए प्रस्थान किया है। उपेन्द्र दूबे के ने नेतृत्व में जुलूस निकाला गया। इस मौके पर गोरई शर्मा, संतोष गांधी, सनी सिंह, सोनू सिंह आदि रहे ।