इसी झांसे में आकर वादी ने कंपनी में जुड़ कर पैसे निवेश किए थे। एग्रीमेंट बॉन्ड कंपनी द्वारा दिया गया था लेकिन एग्रीमेंट के समय अवधि पूरी होने के बाद पैसे और जमीन के आवंटन के विषय में कंपनी मुकर गई। इसके बाद कंपनी में काम कर रहे लोग ताला बंद कर फरार हो गए। पुलिस ने 8 लोगों को इस मामले आरोपी बनाया था।
शुक्रवार को मुनादी करने हुसेनपुर आई पुलिस ने बताया कि दीपक के खिलाफ धारा 419,420 और 467 के तहत मुकदमा दर्ज है। वह कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहा है। इस कारण धारा 82 की कार्रवाई की गई।
इधर, इस मामले में आरोपी के पिता व राज कॉलोनी हुसैनाबाद कॉलोनी निवासी अरुण शुक्ला ने कहा कि मेरा बेटे को इस कंपनी में डायरेक्टर बनाया गया था। कंपनी में वेतन पर काम करता था। इस मामले को लेकर पुलिस कई बार आई। पुलिस को सारे कागजात उपलब्ध कराया गया। दुर्भाग्य है कि पुलिस ने मेरे बेटे के साक्ष्य को कूड़ेदान में फेंक दिया। कंपनी मालिक राजेश सिंह जेल में है, जो अपने कर्मचारियों को फंसाना चाहते हैं।