रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र के बाद पूर्वांचल के सबसे अधिक लोग जौनपुर में रहते हैं। इसलिए जौनपुर से मुंबई के लिए ट्रेन चलवाने का प्रयास करूंगा।
जौनपुर पूर्वांचल का महत्वपूर्ण जिला है। इसलिए सिटी स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी सहित अन्य यात्री सुविधाओं के लिए 250 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
रेल राज्यमंत्री ने जौनपुर लेबल क्रासिंग 7 बी के स्थान पर ओवरब्रिज का शिलान्यास किया।उन्होंने बताया कि तीन लेबल क्रासिंग पर ओवरब्रिज के लिए सांसद केपी सिंह कई महीने से प्रयासरत थे।
उन्होंने जौनपुर-लखनऊ मार्ग पर मडिय़ाहूं पड़ाव स्थित रेलवे क्रासिंग, वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर स्थित जगदीशपुर रेलवे क्रासिंग और जौनुपर-इलाहाबाद मार्ग पर स्थित सिहीपुर रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज की मांग की थी।
इसमें मडियाहूं पड़ाव स्थित रेलेव क्रासिंग पर ओवरब्रिज का शिलान्यास कर दिया गया। बाकी दोनों रेलवे क्रासिंग पर प्रयास जारी है। बताया कि रेलवे में 40 प्रतिशत घटनाएं लेबल क्रासिंग पर होती हैं।
इसलिए रेलवे क्रासिंग पर ओवर और अंडरब्रिज बनाए जाएंगे। 10 हजार से अधिक रेलवे क्रासिंग पर ओवर और अंडरब्रिज नहीं हैं। रेल राज्यमंत्री ने बताया कि 30 वर्ष पूर्व स्वीकृत परियोजनाओं को पूरा किया जा रहा है।
इसलिए नई योजनाएं नहीं बनाई जा रही हैं। रेल निवेश बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। 123 वन वे ब्रिज के लिए 42 सौ करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बताया कि रेलवे कर्मचारी और जनता के हित को ध्यान में रखकर
प्रधानमंत्री ने कहा है कि रेलवे का निजीकरण नहीं होगा। इस अवसर पर महाप्रबंधक एके पुथिया, डीआरएम एके लोहाटी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण बीडी गर्ग व सलाहकार पीजी आरके वर्मा आदि रहे।