शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए भले ही प्रशासन ई-रिक्शा का रूट निर्धारण तो कर रहा है, लेकिन शहर में विभिन्न स्थानों पर जाने के लिए कोई किराया तय नहीं है,जिस पर जिम्मेदारों की निगाह नहीं जा रही है। वहीं आटो व ई-रिक्शा चालकों की ओर से मनमाना किराया वसूले जाने से राहगीरों सहित शहरवासियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, अगर कोई राहगीर इसका विरोध करता भी है तो उससे संबंधित आटो व ई रिक्शा वाले लड़ाई तक कर लेते हैं। हार मानकर राहगीर को उनके ओर से मांगे गए किराया को देना पड़ता है।
शहर की आबादी सवा तीन लाख हैं, इसके अलावा विभिन्न कामों से ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों लोग शहर आते हैं, जो अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए आटो व ई रिक्शा का प्रयोग करते हैं, लेकिन किराया तय नहीं होने से उनको परेशानी का सामना करना पड़ता है, जो भी आटो व ई-रिक्शा की ओर से किराया मांगा जाता है, उसे राहगीरों को देना पड़ता है,जबकि शहर के अंदर किराया तय करने की जिम्मेेदारी नगर पालिका की है, लेकिन वह किराया तय करने बजाया चुप बैठा है। वहीं किराया तय नहीं होने से आटो व ई-रिक्शा मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
वर्जन...
- किराया का निर्धारण करने के लिए आटो व ई-रिक्शा संघ के साथ शीघ्र वार्ता की जाएगी। इसके बाद शहर में विभिन्न स्थानों पर जाने के लिए किराया तय कर दिया जाएगा। जिसके बाद कोई आटो व ई-रिक्शा चालक अधिक किराया वसूलेगा तो शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - संतोष कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद।