शाहगंज। क्षेत्र के हुसैनाबाद बसहर गांव निवासी रुबी यादव ने अपने दो देवर और उसके साथियों पर रास्ते में निर्वस्त्र कर साड़ी से फंदा लगाकर जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया। इस मामले में घटना के 22 दिनों के बाद जब स्थानीय पुलिस से मदद नहीं मिली तो एसपी के आदेश पर दो देवर नामजद और दो अज्ञात समेत चार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पीड़िता ने बताया कि उसका अपने ससुराल वालों से विवाद का मामला फैमिली कोर्ट अपर मुख्य दंडाधिकारी पंचम में लंबित है। महिला ने आरोप लगाया है कि उसके ससुराल वाले उसके साथ पहले भी हिंसा कर चुके हैं। पीड़िता ने बताया कि ससुराल पक्ष के लोग मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाते हैं। देवर बृजेश आए दिन जान से मारने की धमकी देता रहता है। पीड़िता ने बताया कि 22 दिन पहले 24 अगस्त की शाम पांच बजे वह अपने भाई और स्थानीय पुलिस की उपस्थिति में अपने ससुराल जाकर बेटे रजत यादव के इलाज का मेडिकल चेकअप के कागजात लेकर वापस आ रही थी। साथ में माैजूद पुलिसकर्मी चला गया वह जैसे ही गांव के समीप नहर पुलिया के पास पहुंची तो सुनसान पाकर उसके देवर बृजेश और रमेश ने अपने दो साथियों के साथ जान से मारने की नीयत से असलहा दिखा कर भद्दी भद्दी मां बहन की गालियां देने लगे। साथ में माैजूद भाई आनंद को पकड़ कर बंधक बना लिया। मुझे निर्वस्त्र करते हुए मेरी साड़ी का फंदा बनाकर गले में बांधकर पेड़ से लटका दिया। शोर की आवाज सुन राहगीरों को आता देख सभी आरोपी फरार हो गए। राहगीरों की मदद से किसी प्रकार जान बची। राहगीरों ने ही इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। स्थानीय कोतवाली से न्याय न मिलने पर विवाहिता ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस अधीक्षक की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।