जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रेलवे स्टेशन पर न तो रैन बसेरा है और न ही अलाव की व्यवस्था। प्रतीक्षालय में फर्श पर चटाई भी नहीं बिछाई गई है। जमीन पर बैठकर यात्रियों को ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
स्टेशन पर ठंड से बचाव के लिए ठोस इंतजाम न होने से बुजुर्गो, महिलाओं व बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। यात्री मालचंद ने बताया कि फरक्का एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफाॅर्म पर आए थे।
फर्श पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। ट्रेन लेट है। स्टेशन पर ठंड से बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं है। अलाव होता तो यात्रियों को काफी राहत मिलती। यात्री रविकेश ने बताया कि हमसफर एक्सप्रेस पकड़ने आए थे। परिवार के साथ बैठकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है। प्रतिक्षालय में भी चटाई नहीं बिछी है। यात्री चंद्रशेखर ने बताया कि अमृत भारत एक्सप्रेस से बैजनाथ धाम जाने के लिए स्टेशन पर आए थे। यहां सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। ठंड के मौसम में रैन बसेरा और अलाव जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। यात्री वंदना तिवारी ने कहा कि सुबह जल्दी आ गई थी। ठंड में फर्श पर बैठना मजबूरी है।