बरसठी। क्षेत्र में पंजीकृत निजी अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराने के लिए की गई आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के निस्तारण पर सवाल उठे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसे मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई, इसके बावजूद निस्तारण आख्या में उसे संतुष्ट दर्शा दिया गया। आख्या में पवन कुमार नाम के व्यक्ति से बातचीत का भी उल्लेख है, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार आईजीआरएस पर आवेदक वह स्वयं है। भगेरी आलमगंज निवासी संतोष दुबे ने बरसठी के विभिन्न गांवों और बाजारों में संचालित पंजीकृत निजी अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराने के लिए आईजीआरएस पर शिकायत की थी। निस्तारण से पहले उससे फोन पर बातचीत हुई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, बातचीत में उसने न तो किसी के बहकावे में आकर शिकायत करने की बात कही और न ही शिकायत के निस्तारण पर संतुष्टि जताई। बाद में जारी निस्तारण आख्या में उसे संतुष्ट दर्शाया गया। साथ ही, आख्या में पवन कुमार नाम के व्यक्ति से बातचीत का उल्लेख किया गया। रिपोर्ट देखने के बाद शिकायतकर्ता ने सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक से फोन पर बात की और पवन कुमार के बारे में पूछा। उसका कहना है कि आईजीआरएस पर शिकायत उसने स्वयं की थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पंजीकृत निजी अस्पतालों की सूची की मांग भी पूरी नहीं हुई। इसके बाद उसने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आईजीआरएस शिकायत पर हुई कार्रवाई, जांच आख्या और संबंधित अभिलेखों की जानकारी मांगी है। उसका कहना है कि आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर वह आगे की कार्रवाई करेगा। सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सूर्यभान पटेल ने बताया कि आख्या में पवन कुमार का नाम क्लेरिकल मिस्टेक के कारण दर्ज हो गया। पुरानी आख्या गलती से अपलोड हो गई थी। आवेदक असंतुष्ट है तो सही रिपोर्ट दोबारा अपलोड कर दी जाएगी।