जौनपुर। उच्च जोखिम युक्त गर्भावस्था (एचआरपी) वाली महिलाओं की सेहत की लगातार निगरानी की जाएगी। इनको इलाज के लिए सीएचसी ले जाने पर आशा बहुओं को हर बार सौ रुपये दिये जाएंगे। संस्थागत प्रसव कराने तथा 42 दिन का स्वास्थ्य प्रमाणपत्र देने पर 500 रुपये अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग प्रसव के दौरान होने वाली मौत को कम करने के लिए अभियान चला रहा है। हर महीने की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस (पीएमएसएमए) आयोजित किया जाता है। सभी सीएचसी पर गर्भवती को प्रसव पूर्व सेवाएं प्रदान की जाती हैं। आशा कार्यकर्ता गर्भवती को प्रेरित कर सीएचसी तक लाती हैं। सीएचसी पर जांच के दौरान चिह्नित एचआरपी को घर से सीएचसी का अतिरिक्त तीन एएनसी भ्रमण करने के लिए गर्भवती को प्रति भ्रमण 100 रुपये दिया जाता है।
नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एससी वर्मा ने बताया कि यह सभी प्रोत्साहन राशि एचआरपी महिलाओं को सुरक्षित प्रसव कराने के साथ मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में सहायक होगी। मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता नीरज सिंह ने बताया कि जनपद में 4,000 के लगभग एचआरपी महिलाएं चिह्नित की गई हैं। वर्ष 2021 में उनके सुरक्षित प्रसव प्रबंधन पर 1,24,800 रुपए खर्च किए जा चुके हैं।