आशा बहू कल्याण समिति ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। समिति ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा, जिसमें आशा व आशा संगिनी कार्यकर्ताओं को उनके कार्यों का पूर्ण भुगतान न होने का मुद्दा उठाया गया।
ज्ञापन में उन्होंने बताया कि प्रदेश की सभी आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं को उनके कार्यों का पूरा भुगतान अभी तक नहीं मिला है। बार-बार मांग उठाने और निवेदन करने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
आशा बहू कल्याण समिति उत्तर प्रदेश ने घोषणा किया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे 1 नवंबर से कलमबंद हड़ताल शुरू करने पर मजबूर होंगी। यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक सभी आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं का लंबित भुगतान नहीं कर दिया जाता।
समिति ने चेतावनी दी कि हड़ताल के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी असुविधा या बाधा की पूरी जिम्मेदारी जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री की होगी। समिति ने सरकार से आशा कार्यकर्ताओं की उचित मजदूरी व अधिकारों पर शीघ्र विचार कर उचित कदम उठाने की उम्मीद जताई है।