सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों के खाली पद नहीं भरे जा रहे हैं। अस्पताल में बालरोग और हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद पिछले दस साल से खाली है। इसके चलते बच्चों के इलाज को लेकर तिमारदारों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जबकि इस अस्पताल को बदलापुर के भाजपा विधायक रमेश मिश्र ने गोद लिया है।
अस्पताल को गोद लेने के बाद अस्पताल का कायाकल्प तो हुआ, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं नहीं सुधरी। डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए जिला अस्पताल तक चक्कर लगाना पड़ता है। मौसम में हो रहे बदलाव से बच्चों में सर्दी खांसी, बुखार की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों का इलाज कराने में लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी नार्मल बच्चा पैदा होने पर नवजात शिशुओं की जांच की समस्या खड़ी हो जाती है। प्रति दिन करीब 15 से 20 बच्चे उपचार कराने के लिए सीएचसी पर आते हैं। लेकिन उन्हें बिना उपचार कराए ही वापस लौटना पड़ता है। क्षेत्र के हनुमान प्रसाद, सुरेश मिश्रा, राम आसरे, ओम प्रकाश, श्याम शंकर आदि ने अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती कराए जाने की मांग की।