जौनपुर। गुजरात में लंबे समय तक विभिन्न प्रशासकीय पदों पर सेवा देने वाले आईएएस अरविंद शर्मा को भाजपा की ओर से विधान परिषद का प्रत्याशी घोषित किए जाने पर जौनपुर में भी खुशी छाई है। उनके नामांकन में शामिल होने के लिए यहां से भी कई लोग लखनऊ पहुंच चुके हैं। उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली को करीब से जानने वालों का कहना है कि अरविंद शर्मा शुरू से ही लगनशील रहे। जहां भी रहे, अपनी अलग पहचान बनाई।
अरविंद शर्मा के पुराने मित्रों में शामिल शिक्षक गजाधर राय बताते हैं कि छात्र जीवन से ही उन्होंने परिवार और दोस्तों के बीच अलग छवि बनाकर रखी। शुरू से ही उनका मानना रहा है कि काम छोटा या बड़ा नहीं होता, जो भी दायित्व मिले, उसे पूरी निष्ठा से निभाना चाहिए। तभी हम अपने पद से न्याय कर पाएंगे। पीसीएस में चयन से पहले उनके छोटे भाई राजनीति करते थे। तब उन्हें पास बुलाकर पूछा कि क्या इच्छा है। अगर राजनीति ही करनी है तो मन से करो, ताकि आगे जाओ और अगर कुछ बनना है तो उसके लिए लगो। इसके बाद छोटे भाई ने पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगाया और पीसीएस में चयनित हुए। उनकी इस अलग छवि ने ही सीएमओ में काम करने वाले तमाम अफसरों के बावजूद उन्हें सबसे अलग रखा। गजाधर राय के मुताबिक गुजरात में रहने के दौरान भी वह लगातार अपने शुभेच्छुओं से जुड़े रहे। एक बार संबंध बनाने के बाद उसे निभाने में पीछे नहीं हटे।