जौनपुर। लॉक डाउन की इस घड़ी में घर पहुंचने के लिए प्रवासी मजदूर हरसंभव जतन कर रहे हैं। कोई साइकिल, ऑटा और पैदल सफर कर रहा है तो कई लोग कई गुना किराया देकर ट्रकों या अन्य साधनों से घर पहुंच रहे हैं। मुंबई से ट्रक में आए 35 लोगों ने सवा लाख रुपये किराया चुका है। इसके बाद भी ट्रक चालक उन्हें जौनपुर में ही उतार चला गया। रविवार को पहुंचे शैलेश यदुवंशी, असलम, अमित गुप्ता, मो.असगर, अंकुर आदि ने बताया कि उन्होंने गोरखपुर तक के लिए ट्रक तय किया था। प्रत्येक व्यक्ति से 3500 रुपये किराया लेने के बाद ट्रक चालक उन्हें यहां सिपाह में उतारकर चला गया। गाजीपुर के हरिनारायण यादव ने बताया कि मुंबई में रोजगार छिन गया था। महामारी तेजी से फैल रही थी। वहां रुककर मरने की अपेक्षा अपनों के बीच पहुंचना ही अच्छा लगा। हरिश्चंद्र और शोभनाथ ने बताया कि मजदूरी कर उनका जीविकोपार्जन होता है। कितने दिनों तक दूसरे के भरोसे पेट भरते।