जौनपुर। दो वर्षों में जिले में 8500 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ मिल पाया है। मगर सत्यापन नहीं होने के कारण 13 हजार 910 आवेदक इसका लाभ पाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ ऐसे लोगों को दिया जाता है, जिनकी दो संतान हों और उनमें से कम से कम एक बेटी हो। दो बच्चियों तक गोद लेने वालों को भी इसका लाभ देने का प्राविधान है। बच्ची के जन्म के समय एक हजार, टीकाकरण के समय एक हजार, कक्षा एक में पढ़ने पर दो हजार, कक्षा छह में पढ़ने पर दो हजार, कक्षा नौ में पढ़ने पर तीन हजार, कक्षा 10 पास कर डिप्लोमा और स्नातक स्तर की पढ़ाई करने पर पांच-पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। योजना वर्ष 2019-20 में शुरू हुई थी। जिला प्रोबेशन विभाग ने ब्लाकों में शिविर लगाकर आनलाइन आवेदन करवाए थे। कुल 25 हजार आवेदन विभाग को मिले, जिसमें छह हजार आवेदन अपात्र मिले। शेष पात्र लाभार्थियों में से महज 8500 लाभार्थियों को ही अभी तक लाभ मिल पाया है। शेष 10 हजार 500 लाभार्थी अभी इंतजार में हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 3410 लोगों ने योजना के लिए आवेदन किए हैं, जिसमें 700 की जांच की जा चुकी है और सभी पात्र हैं, लेकिन किसी को लाभ नहीं दिया गया है। शेष 2710 प्रार्थना पत्रों की अभी तक जांच ही नहीं हो पाई है।
यह है मानक
जौनपुर। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ लेने के लिए दो बच्चे ही होने चाहिए। इसमें एक बच्ची हो या फिर दोनों ही बेटियां हों। परिवार की अधिकतम आय तीन लाख रुपये वार्षिक से ज्यादा न हो। आवेदक को प्रदेश का निवासी होने चाहिए। इसके लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली व टेलीफोन का बिल आदि पहचानपत्र जरूरी हैं।
ब्लाकों से सत्यापन होने के बाद ऑनलाइन आवेदन की सूची हमारे पास आती है। जिसे हमारे यहां से स्वीकृत कर दिया जाता है। कई बार बीडीओ को सत्यापन कर सूची भेजने के लिए कहा गया, लेकिन कोई प्रगति नहीं हो रही है। -संतोष कुमार सोनी, जिला प्रोबेशन अधिकारी