फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानदेय से वंचित रहने पर नाराज

Fri, 13 Mar 2015 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के सात खंड विकास खंड अधिकारियों की गलती का खामियाजा रोजगार सेवक भुगत रहे हैं। शासनादेश को समझने में हुई चूक के चलते सात ब्लाकों में तैनात 350 ग्राम रोजगार सेवकों के बकाया मानदेय के भुगतान के लिए
विज्ञापन


 शासन से बजट की मांग नहीं की जा सकी। इससे नाराज ग्राम रोजगार सेवकों ने शुक्रवार को विकास भवन के सामने प्रदर्शन कर विरोध जताया। उपायुक्त मनरेगा ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि उनके बकाया मानदेय के भुगतान के लिए फिर से बजट की मांग शासन से की जाएगी। 

मनरेगा के कार्यों की निगरानी के लिए रखे गए ग्राम रोजगार सेवकों को लंबे समय से मानदेय का भुगतान नहीं हो रहा था। ग्राम रोजगार सेवक एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मानदेय दिलाने की मांग की थी।
विज्ञापन


कोर्ट के निर्देश पर शासन ने भुगतान के लिए बजट जारी कर दिया। जिले को मिले कुल 1.44 करोड़ का भुगतान 14 ब्लाकों के ग्राम रोजगार सेवकों को कर दिया गया। बाकी सात ब्लाकों के रोजगार सेवक इंतजार ही करते रह गए।

 इससे नाराज कर्मचारी शुक्रवार को संगठन के जिलाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण चौरसिया और महामंत्री अरविंद सिंह के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे और विकास भवन के सामने प्रदर्शन किया। रोजगार सेवकों ने उपायुक्त मनरेगा रामबाबू त्रिपाठी से

 मिलकर इस बात की वजह जानने की कोशिश की कि आखिर किन परिस्थितियों में सात ब्लाकों के रोजगार सेवकों को बकाया मानदेय नहीं दिया गया। जानकारी लेने पर पता चला कि संबंधित ब्लाकों से जब बकाया मानदेय भुगतान के

लिए बिल प्रस्तुत करने को कहा गया था तो उस वक्त इन खंड विकास अधिकारियों ने यह लिखकर दे दिया था कि उनके ब्लाक में किसी भी ग्राम रोजगार सेवक का मानदेय बकाया नहीं है।

14 ब्लाकों से आई मांग के मुताबिक शासन ने 1.44 करोड़ रुपये का बजट मिल गया, जिससे उन्हें भुगतान कर दिया गया। बाकी सात ब्लाकों के रोजगार सेवक इंतजार ही करते रह गए। इससे उनमें नाराजगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें