मछलीशहर ब्लाक के मुजार गांव में वर्ष 2005 से लेकर वित्तीय वर्ष 2010-11 तक कराए गए कार्यों की जांच में 472866 रुपये की धनराशि के दुरुपयोग और गबन करने का मामला जांच में सामने आया है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने पूर्व प्रधान व सचिव को एक पखवारा के अंदर कारण स्पष्ट करने और उक्त धनराशि की आधी-आधी धनराशि वसूल करने की नोटिस भेजी है।
मुजार गांव निवासी सूर्यभान दुबे पुत्र जनार्दन दुबे द्वारा ग्राम पंचायत में वर्ष 2005 से लेकर वित्तीय वर्ष 2010-11 तक कराए गए कार्यों में की गई अनियमितता के संबंध में उच्च न्यायालय में रिट दाखिल किया था। जिसमें उक्त वर्षों में खंड़जा निर्माण में धांधली करने का आरोप लगाया था। इसके बाद उच्च न्यायालय ने जांच करने का आदेश दिया।
जिस पर सूर्यभान दुबे द्वारा दिए गए नोटरी शपथ पत्र के साथ शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच कराई गई। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा मुख्य लेखाधिकारी व जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को नामित किया गया था। जांच में उक्त वित्तीय वर्षों में खड़ंजा निर्माण में 472866 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किए जाना पाया गया। इसके लिए पूर्व ग्राम प्रधान राधेश्याम कन्नौजिया और सचिव प्रदीप कुमार को जिम्मेदार माना गया। जिसकी रिपोर्ट उच्च न्यायालय को भेजी गई।
इसके बाद उच्च न्यायालय द्वारा पंचायत राज अधिनियम के तहत आदेश परित करते हुए पूर्व प्रधान व सचिव को वसूली नोटिस जारी किया गया है। प्रभारी डीपीआरओ जगदीश त्रिपाठी का कहना है कि जांच कराने पर खड़ंजा निर्माण में 472866 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया जाना पाएगा। जिस पर उच्च न्यायालय के आदेश पर डीएम द्वारा पूर्व प्रधान व सचिव के विरुद्ध वसूली नोटिस जारी की गई है।