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मानवता हुई शर्मशार, अस्पताल से नहीं मिली एंबुलेंस, तो पत्नी का शव मोटरसाइकिल से ले जाना पड़ा घर, गांव के लोगों में आक्रोश

Tue, 21 Apr 2020 11:07 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
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एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
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अस्पताल प्रशासन की ओर से एंबुलेंस मुहैया नहीं कराए जाने के कारण जौनपुर जिले के सरपतहां थाना क्षेत्र के एक की महिला का शव सोमवार को परिजनों को सीएचसी सुईथाकला से मोटरसाइकिल से घर ले जाना पड़ा। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।

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सोनिया गांव निवासिनी भानमती (50) पत्नी जियालाल रजक की तबीयत सोमवार दोपहर करीब एक बजे खराब हो गई। परिजन उसे पहले निजी चिकित्सालय ले गए, जहां डॉक्टर ने इलाज कर घर भेज दिया। घर जाने के बाद महिला की तबीयत फिर खराब हो गई तो परिवार वालों ने शाम 7:30 बजे के करीब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुईथाकला लाकर भर्ती कराया। वहां उसकी मौत हो गई। परिजन विनती करते रहे लेकिन अस्पताल प्रशासन एंबुलेंस मुहैया नहीं करा सका। 

इसके बाद घर वाले कम्मरपुर के विकास बिंद के सहयोग से बाइक से शव लेकर चार किलोमीटर दूर घर गए। महिला के पति जियालाल का कहना है कि लॉकडाउन के कारण कोई वाहन शव ले जाने के लिए नहीं मिल रहा था। अस्पताल प्रशासन ने भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराया।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही भानमती की मौत हो चुकी थी। इसके पहले एक मरीज को जौनपुर रेफर किया गया था और उसे लेकर एंबुलेंस चली गई थी। एंबुलेंस अस्पताल प्रशासन नहीं देता है। एंबुलेंस 112 और 108 पर फोन करने पर मिलती है। 

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डॉ. विक्रांत गुप्ता, सीएचसी सुईथाकला



 

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