फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुराने वाहन को रंग-पेंट कर बना दिया एंबुलेंस

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। स्वास्थ्य और परिवहन विभाग की दरियादिली का लाभ यहां एंबुलेंस संचालक उठा रहे हैं। मानक को ताख पर रखकर मनमाने ढं से कई ऐसे वाहनों को भी एंबुलेंस बना दिया गया है, जो इसकी शर्त को पूरी नहीं करते। कहीं बोलेरो एंबुलेंस के रुप में दौड़ रही है तो कहीं दूसरे वाहन इस श्रेणी में शामिल कर दिए गए हैं। एंबुलेंस आपालकालीन सेवा घोषित होने के चलते ट्रैफिक पुलिस भी इन पर हाथ डालने से डरती है।
विज्ञापन

तमाम ऐसे पुराने वाहन हैं, जिन्हें रंग पेंट करके एंबुलेंस बना दिया गया है। सीटों में फेर बदलकर कर उन्हें का वैन का रुप देकर एंबुलेंस बनाकर दौड़ाया जा रहा है। निजी एंबुलेंस के लिए कोई मानक नहीं होने इनकी जांच करने में स्वास्थ्य विभाग भी कतराता है, जबकि सरकारी एंबुलेंस 102, 108 और एलएस के लिए मानक तय है। सभी एंबुलेंस को मानक पूरा करना होता है। हर एंबुलेंस में मानक चार्ट लगा रहता है। यह भी कहा गया है कि हर वाहन को रंग-पेंट कर उसे एंबुलेंस नहीं बनाया जा सकता है। एंबुलेंस के लिए समान मानक तय करने की बात को कई हुई लेकिन आज तक निजी एंबुलेंस के लिए कोई मानक तय नहीं हो सका।
स्वास्थ्य विभाग नहीं करता एंबुलेंस की मॉनिटरिंग
जौनपुर। सीएमओ डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग निजी एंबुलेंस की मॉनिटरिंग नहीं करता है। निजी एंबुलेंस के लिए कोई गाइड लाइन नहीं जारी की गई है। इसके चलते उनकी निगरानी करना संभव नहीं हो पाता। सरकारी एंबुलेंस के लिए मानक और गाइडलाइन है लेकिन निजी एंबुलेंस के लिए कोई गाइड लाइन नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें