जीवन दायिनी सेवा से जुडे़ एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को एंबुलेंस का संचालन बंद कर विरोध जताया। एंबुलेंस सेवा बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। सभी एंबुलेंस को पूर्वांचल विश्वविद्यालय चौकी के सामने खाली मैदान में खड़ी कर विरोध जताया।
कर्मचारियों का कहना था कि कंपनी बदले जाने की बात चल रही है। कंपनी बदले जाने पर एंबुलेंस सेवा से जुडे़ सभी कर्मचारियों का समायोजन किया जाना चाहिए। जब भी किसी नई कंपनी को टेंडर दिया जाता है तो कंपनी पुराने कर्मचारियों को बदल कर नई भर्ती करने लगती है। उनकी मांग थी कि सरकार यह तय करे कि टेंडर किसी भी कंपनी को दिया जाय लेकिन कर्मचारी नहीं हटाए जाएंगे। वर्ष 2012 से सभी कर्मचारी अनवरत सेवा दे रहे हैं। कोविड काल में भी जान की परवाह किए बगैर मरीजों की सेवा की गई, लेकिन अब दूसरी कंपनी को टेंडर देने की तैयारी चल रही है। ऐसे में कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार को लेनी होगी। जीवन दायिनी सेवा के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडेय व मंत्री बृजेश कुमार के निर्देश पर एंबुलेंस चालकों ने लखनऊ में धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया।
जीवन दायिनी सेवा के जिलाध्यक्ष डा. देवेंद्र गुप्ता ने कर्मचारियों को एनएचआरएम से संबद्ध करने की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि इसके तहत मिलने वाली सेवाओं का लाभ दिलाया जाना चाहिए। कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान सेवा करने वाले वारियर्स को ठेकेदारी प्रथा से मुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कोरोना संक्रमण में मृत लोगों के परिजनों को बीमा की राशि उपलब्ध कराने, बीमा राशि में किसी तरह की कटौती न करने, चार घंटे की ओटी देने, संक्रमण को देखते हुए कर्मचारियों के साथ सहानुभूति रखते हुए उन्हें काम पर रखने आदि की मांग की। जिलाध्यक्ष ने बताया कि लखनऊ धरने में शामिल होने वालों में महामंत्री मनोज कुमार यादव, घनश्याम गुप्ता, संगठन मंत्री राम भजन यादव, कोषाध्यक्ष जगदंबा प्रसाद, जिला सचिव विजय सिंह, जिला प्रवक्ता संतोष कुमार और मीडिया प्रभारी चंद्रशेखर आदि शामिल रहे। सीएमओ डा.जीएस लक्ष्मी का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर एंबुलेंस चालक कार्य का बहिष्कार कर लखनऊ में धरना प्रदर्शन कर रहें है। इसकी जानकारी है। जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी में मरीजों को वाहन की सुविधा मुहैया कराने की तैयारी चल रही है। हड़ताल खत्म नहीं हुई कोई रास्ता निकाला जाएगा।