सुईथाकला। ब्लाक प्रमुख के चुनाव का नतीजा घोषित होने के बाद सपा समर्थकों ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए ब्लाक मुख्यालय के सामने लखनऊ-बलिया हाईवे पर जाम कर दिया। पुलिस ने समझा बुझाकर आधे घंटे बाद जाम समाप्त करवाया।
ब्लाक प्रमुख पद के लिए हुए चुनाव में सभी 93 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतों की गिनती हुई तो एक मत से विद्या देवी को निर्वाचित घोषित किया गया। विद्या देवी को 46 मत जबकि सपा के धर्मेंद्र वर्मा को 45 मत मिले। दो मत निरस्त पाए गए। परिणाम घोषित होने के बाद सपा प्रत्याशी के समर्थक प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ब्लाक गेट के सामने हाईवे पर जाम कर दिए। आरोप लगाया कि सत्ता शासन के दबाव में प्रशासनिक अधिकारियों ने धांधली कर भाजपा प्रत्याशी विद्या देवी को विजयी घोषित कर दिया गया है। आरोप लगाया कि पहले बताया गया कि विद्या देवी को 49 मत मिला । बाद में मुख्य राजस्व अधिकारी आए तो उन्होंने पाया कि दो निरस्त मतों को भी विद्या देवी के मतों में गिन दिया गया था। दो मत निरस्त करने के बाद एक मत से विद्या देवी को निर्वाचित घोषित किया गया उसमें भी धांधली की गई है। जाम की सूचना पर पहुंचे एसडीएम राजेश कुमार वर्मा और सीओ अंकित कुमार ने समझा बुझाकर आधे घंटे बाद जाम समाप्त कराया। इसके पहले मतगणना से पूर्व भाजपा समर्थकों ने धांधली का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी। हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के समझाने बुझाने पर लोग शांत हो गए थे। इस संबंध में मुख्य राजस्व अधिकारी राज कुमार द्विवेदी का कहना है कि चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष हुआ है। कहीं कोई धांधली नहीं हुई है। चुनाव हारने वाले उम्मीदवार के समर्थक सड़क पर हो हल्ला मचा रहे थे जिन्हें पुलिस ने समझा बुझाकर शांत करा दिया।
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सहयोग के नाम पर दूसरे प्रत्याशी को कर दिया मतदान, फाड़ना पड़ा मतपत्र
खेतासराय। शाहगंज सोंधी विकास खंड में ब्लाक प्रमुख के चुनाव में मतदान करने पहुंची एक महिला क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मतदान कक्ष में मनपसंद प्रत्याशी को वोट न देने का आरोप लगाते हुए हल्ला मचाया तो हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने संबंधित मत पत्र को फाड़कर निरस्त कर दिया और उस महिला बीडीसी सदस्य को दूसरा मतपत्र दिया तो बवाल शांत हुआ।
महिला बीडीसी सदस्य मतदान कक्ष में पहुंची तो वहां मौजूद कर्मचारियों से मतदान में सहयोग करने को कहा। मौके पर मौजूद एक महिला लेखपाल को उसके सहयोग के लिए लगाया गया। महिला लेखपाल जैसे ही मतदान कर मतपत्र को मोड़कर मतपेटी में डालने की कोशिश की तभी उस महिला क्षेत्र पंचायत सदस्य ने महिला लेखपाल का हाथ पकड़ लिया और कहा कि उन्होंने उसके मनपसंद प्रत्याशी को मतदान नहीं किया है। इस पर हड़कंप मच गया। महिला बीडीसी सदस्य इस जिद पर अड़ गई कि उसके मनपसंद प्रत्याशी को मतदान कक्ष में बुलाया जाए और वह देखकर संतुष्ट होंगी तभी मतपत्र पेटी में डाला जाएगा। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उस मत पत्र को फाड़ दिया और उसे दूसरा मतपत्र दिया गया। जिसपर उसने अपने मन से मतदान कर मतपेटी में डाला तो बवाल शांत हुआ। इस संबंध में शाहगंज सोंधी के एआरओ अभिषेक राय ने बताया कि महिला बीडीसी ने सहयोगी के मतदान से संतुष्ट नहीं थी कि उसने किसको वोट दिया है । वह अपने प्रत्याशी को बुलाने की मांग करने लगी। जिसकी अनुमति नही दी गई । महिला मतदाता की संतुष्टि के लिए पहला वाला मत पत्र निरस्त कर दूसरा मतपत्र दिया गया। जिसपर उसने मतदान किया।