बक्शा। बक्शा के श्री हनुमान गढ़ी मंदिर की जमीन मापी कर अलग करने के लिए दो गांवों के प्रधान और मंदिर प्रबंध कमेटी ने सोमवार को एसडीएम सदर से राजस्व कर्मियों की टीम से मापी कराने की मांग की। तीन गांवों की सरहद पर मौजूद श्री हनुमानगढ़ी मंदिर की जमीन कुछ लोगों द्वारा कब्जा करने की शिकायत की गई है।
वर्ष 1960 में तत्कालीन थानाध्यक्ष त्रियुगी नारायण पांडेय और लखनीपुर गांव के तत्कालीन प्रधान बैजनाथ सिंह सहित क्षेत्र के संभ्रांतजनों की मौजूदगी में श्री हनुमानगढ़ी मंदिर का निर्माण हुआ। मंदिर सद्दोपुर, लखनीपुर और बक्शा गांव के सरहद पर बना हुआ है। मंदिर परिसर का तालाब बक्शा गांव में पड़ता है जबकि सटा हुआ मंदिर सद्दोपुर और बगल का हिस्सा लखनीपुर गांव की सरहद पर था। आरोप है कि मंदिर परिक्षेत्र में खंभा लगाकर बैरिकेटिंग की गई थी। इधर, बीच कुछ खंभे चोर उखाड़ ले गए। दूसरा खंभा लगाकर कब्जा किया जा रहा है। प्रधान लखनीपुर राहुल सिंह, बक्शा प्रधान द्वारिका प्रसाद मौर्या और शिक्षक देवेंद्र सिंह ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर तीनों गांवों के राजस्व कर्मियों की मौजूदगी में मापी कराए जाने की मांग की। मंदिर की जमीन कब्जा करने की शिकायत के बाद से क्षेत्र की जनता में आक्रोश है। इस बाबत थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने बताया कि जिस दिन राजस्व कर्मियों की टीम मापी के लिए आएगी, पुलिस बल की मौजूदगी में मापी करा दी जाएगी।