राहुल गांधी के रोडशो में न केवल जनसैलाब उमड़ पड़ा बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने की कोशिश की गई। अल्पसंख्यक, दलित, निषाद, ब्राह्मण, वैश्य, क्षत्रिय सहित अन्य जाति के लोग अलग अलग स्थानों पर राहुल गांधी का स्वागत किया। रोडशो में 400 से अधिक गाड़ियों का जौनपुर आते आते काफिला हो गया।
अंबेडकर नगर से चलकर राहुल गांधी गुलामनबी आजाद, राणा गोस्वामी, डा. रीता बहुगुणा जोशी आदि के साथ शाहगंज पहुंचे। जहां पहले से मौजूद विधायक नदीम जावेद, पूर्व सांसद डा. राजेश मिश्र, विधायक अजय राय, प्रदेश उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह, प्रदेश सचिव श्वेता राय, सिराज मेंहदी, जिलाध्यक्ष इंद्रभुवन सिंह, मधुकर पांडेय आदि नेताओं ने स्वागत किया।
गुरैनी में अल्पसंख्यक समाज के साथ राहुल ने मदरसे में भोजन किया। भंडारी स्टेशन पर यूथ कांग्रेस के सत्यवीर सिंह, कोतवाली चौराहे पर फैज आब्दी, चहारसू पर सराफा कारोबारी, जेसीज पर ब्राह्मण समाज, शेखपुर तिराहे पर निषाद समाज, कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने स्वागत किया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के रोडशो में उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ में भीड़ में अधिकतर युवा थे। सभी राहुल गांधी को करीब से देखना चाहते थे। इसे लेकर जगह जगह भीड़ में ही धक्का मुक्की हुई। शाहगंज से राहुल गांधी का काफिला जिला मुख्यालय के लिए चला तो यात्रा में दो सौ से अधिक बाइक और चार पहिया वाहन शामिल थे।
उनका काफिला जैसे जैसे आगे बढ़ रहा था उसमें वाहनों की भीड़ बढ़ती गई। गुरैनी अल्प संख्यक समुदाय के लोगों से राहुल गांधी ने हाथ मिलाया। यहां हर कोई राहुल से हाथ मिलाने को बेताब दिखा। शहर में राहुल का काफिला शाम सवा चार बजे पहुंचा लेकिन भंडारी रेलवे स्टेशन, कोतवाली चौराहे, जेसीज, चहारसू, शेखपुर आदि स्थानों पर सुबह दस बजे से ही लोगों
की भीड़ जमा रही। जैसे जैसे दिन चढ़ता गया भीड़ बढ़ती गई। राहुल का काफिला जब कोतवाली पहुंचा तो भंडारी रेलवे स्टेशन से लेकर कोतवाली तक सड़क भीड़ से पटी रही। इस भीड़ में युवाओं की संख्या अधिक रही। घरों की छत से पुरुष, महिलाएं बच्चे राहुल गांधी को देखने के लिए टकटकी लगाए रहे।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राहुल गांधी का काफिला शहर भ्रमण के बाद आजमगढ़ के लिए रवाना हो गया। उधर, खेतासराय गुरैनी बाजार में कार्यकर्ताओं के लिए लंच पैकेट और पानी की व्यवस्था की गई थी। लंच पैकेट लेने के लिए धक्का मुक्की शुरू हो गई। इस दौरान विधायक के सरकारी गनर ने रोका तो उससे मारपीट हो गई। वह सादे वेश में था। कार्यकर्ताओं ने उसे विधायक का समर्थक समझकर पीट दिया। पुलिस ने बाद में मामले को रफा दफा किया।