जौनपुर। मौसम के उतार-चढ़ाव या सर्दी-खांसी, बुखार जैसी बीमारियों से दूर रहने के लिए सिर्फ दवा ही नहीं खान-पान में सावधानी भी जरूरी है। चिकित्सकों का मानना है कि अगर व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता बेहतर है तो बीमारियां भी उससे दूर रहती हैं।
कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले ही सबसे पहले बीमारी की चपेट में आते हैं। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कुछ विशेष करने की भी जरूरत नहीं है। विटामिन सी और हरी सब्जियों का सेवन करते रहें तो इससे शरीर को रोगों से लड़ने में मजबूती मिलेगी। तुलसी, पालक, हल्दी, नीबू, संतरा, आंवला जैसे अन्य फल व मौसमी सब्जियां इसका प्रमुख जरिया है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके शर्मा बताते हैं कि खट्टे फलों में विटामिन सी मिलता है, जो शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। कोल्ड, कफ से लड़ने के लिए शरीर को मजूबत बनाता है। सिट्रस फ्रूट्स में अंगूर, संतरे, कीनू, नींबू आते हैं। इन फलों का नियमित सेवन करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। खट्टे फलों की तुलना में लाल शिमला मिर्च दोगुना विटामिन सी मिलता है। इसमें बीटा कैरोटीन भी पाया जाता है, जो प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के अलावा त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। ब्रॉकली का इस्तेमाल कर हम विटामिन ए, बी, और ई के साथ कई एंटी ऑक्सिडेंट और फाइबर भी प्राप्त कर सकते है।
नींबू और पालक के साथ तुलसी का करें सेवन
आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. वीपी गुप्ता ने बताया कि हरी सब्जी के साथ सलाद का सेवन करने से हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। अदरक और लहसुन में भी कई तरह के एंटी वायरल तत्व होते हैं। तुलसी तमाम गुणों से भरपूर हैं। एक चम्मच तुलसी रोज सुबह लेने से आपका प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो जाती है। इसके अलावा पालक में विटामिन सी के साथ कई एंटी ऑक्सिडेंट और बीटा कैरोटीन भी मिलता है। जिससे हमारे शरीर में संक्रमण से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है।