जौनपुर। भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर के साथ अखिलेश यादव की तस्वीर के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर किया। आरोप लगाया कि सपा के इस कृत्य से बाबा साहब का अपमान हुआ है। अखिलेश यादव दलित विरोधी हैं, इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने समाजवादी लोहिया वाहिनी की बैठक के लिए पोस्टर में अखिलेश यादव और बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की तस्वीरों को आधा-आधा काटकर जोड़ा। ये बाबा साहब का अपमान है। भाजपा डॉ. आंबेडकर का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी। इतना ही नहीं वही चित्र लोहिया वाहिनी के पदाधिकारी ने अखिलेश यादव को भेंट किया है। यह बहुत ही शर्मनाक है। जिला रमाबाई नगर का नाम बदलकर कानपुर देहात कर दिया। महान दलित संत के नाम पर बने जिला रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही कर दिया। अखिलेश को दलित संतों से भी नफरत है। दलित महापुरुष के नाम पर बने सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर शेख उल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज कर दिया। यह दलितों को अपमानित करना और मुस्लिम तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है।पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सपा कभी भी दलितों के साथ नहीं रही। मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में जितना उत्पीड़न दलितों का हुआ उतना कभी नहीं हुआ। लखनऊ के डॉ. भीमराव आंबेडकर ग्रीन-गार्डेन का नाम बदलकर जनेश्वर मिश्रा पार्क कर दिया। जिला मीडिया प्रभारी आमोद सिंह ने कहा कि कदम-कदम पर बाबा साहेब और दलितों का अपमान है। कार्यक्रम को सरस गौड़ श्याम मोहन अग्रवाल, नरेन्द्र उपाध्याय, रागिनी सिंह, अनिल गुप्ता, अजय सरोज, नदलाल यादव, कृष्ण कुमार जायसवाल, विकास शर्मा, कमलेश निषाद, सारिका सोनी ने भी संबोधित किया। संचालन महामंत्री सुशील मिश्र और अमित श्रीवास्तव ने किया।
आंबेडकर की आधी फोटो लगाने के विरोध में भाजपा ने निकाली आक्रोश रैली-मडियाहू। लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर एक पोस्टर में आधी फोटो डॉ. आंबेडकर व आधी फोटो अखिलेश यादव के चेहरे वाली लगाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। जन आक्रोश रैली निकाल कर नगर भ्रमण किया।मछलीशहर के भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में मंडल अध्यक्ष मडियाहूं राजेश जायसवाल ने सरकारी अस्पताल के सामने अंबेडकर तिराहे से जन आक्रोश रैली निकाली। रैली नगर भ्रमण कर भगत सिंह तिराहे पर समाप्त हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे बाबा साहब का अपमान बताया। डॉ. अजय सिंह ने अखिलेश के इस कृत्य को दलित विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब की आधी तस्वीर काटकर उसमें अपनी आधी तस्वीर लगाकर दलित समाज को शायद अखिलेश यही बताना चाहते हैं कि वह बाबा साहब के बराबर हैं लेकिन उनके इस कृत्य से दलित समाज मर्माहत है। अखिलेश यादव ने जानबूझकर बाबा साहब का अपमान किया है। पूर्व विधायक दिनेश चौधरी ने बताया कि अखिलेश यादव ने अपनी सरकार में कानपुर देहात में बने रमाबाई अंबेडकर के नाम से मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया था। उनके द्वारा किए गए महापुरुषों का अपमान जनता कभी नहीं भूलेगी। इस अवसर पर प्राचार्य डॉक्टर सुरेश कुमार पाठक, चंद्र प्रकाश सिंह पप्पू, मनीष सिंह, डॉ. श्याम दत्त दुबे , मेंहीलाल गौतम, जयेश सिंह, अखिल प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।