केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो अर्दली बाजार स्टेशन का एयर क्वालिटी इंडेक्स 332 था। पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 400, न्यूनतम मात्रा 313, ओजोन की अधिकतम मात्रा 105 और नाइट्रोजन आक्साइड की अधिकतम मात्रा 132 रही। शहर भर में चल रहे खोदाई के काम में मानकों की अनदेखी हवा की सेहत का बिगाड़ रही है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स
- नाटी इमलीः 541
- लंकाः 464
- अर्दली बाजार: 300
पांच प्रदूषित शहर
- जौनपुर
- वाराणसी
- मुजफ्फरपुर
- पटना
- केराकत
24 घंटे पहले जौनपुर चौथे और वाराणसी सातवें स्थान पर था
इससे 24 घंटे पहले सोमवार के वायु प्रदूषण की बात करें तो जौनपुर चौथे नंबर पर था। आईक्यू एयर की ओर से सोमवार की रात जारी रिपोर्ट में वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार वाराणसी सातवें नंबर पर था। जौनपुर का एक्यूआई 314 और वाराणसी का एक्यूआई 262 था। शहर में चल रही खोदाई और लगने वाले जाम ने बनारस की हवा को पिछले तीन महीनों से खराब कर रहा है। वायु प्रदूषण के मामले में एक जनवरी को बनारस चौथे नंबर पर, दो जनवरी को दूसरे और तीन जनवरी को चौथे नंबर पर था।