जौनपुर। कोरोना कर्फ्यू से कारोबार को भले ही चपत लगी हो, लेकिन सेहत के लिए यह बंदी बूस्टर डोज से कम नहीं। एक दिन की बंदी और आवाजाही ठप रहने से वायु गुणवत्ता में जबरदस्त सुधार हुआ है। सामान्य दिनों में डेढ़ सौ से ऊपर रहने वाला वायु गुणवत्ता सूचकांक रविवार को 70 तक पहुंच गया। सुबह से ज्यादा साफ और शुद्ध हवा दोपहर में थी। शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का बेतहाशा दबाव है। मध्य शहर से ही हाईवे गुजरने के कारण हर वक्त वाहनों का धुआं वातावरण में प्रदूषण का जहर घोलता रहता है। निर्माण कार्यों की धूल-मिट्टी से भी वायु की गुणवत्ता प्रभावित है। कुछ माह पहले तक जौनपुर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शीर्ष पर भी रहा है। इधर हालात जरुर सुधरे हैं, मगर फिर भी वायु गुणवत्ता का सूचकांक 150 से 200 के बीच ही रहा है। रविवार को कोरोना की चेन तोड़ने के लिए सरकार ने 35 घंटे को कर्फ्यू लगाया तो सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। लोग घरों से बाहर निकलने से परहेज किए। सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी ठप रही। इसका असर प्रदूषण के स्तर पर पड़ा है। रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 70 तक पहुंच गया है। इसे सेहत के लिहाज से हर तरह से अच्छा माना जा रहा है। हवा की ऐसी गुणवत्ता पिछले वर्ष भी लॉक डाउन के दिनों में ही देखी गई थी।