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Jaunpur News: तीन साल बाद 56 लाख के घोटाले की जांच में कंपनी को क्लीनचिट

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जौनपुर। तीन साल पहले नगर पालिका परिषद की ओर से 56.25 लाख से खरीदी गई 900 एलईडी लाइटों में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद हुई जांच में कंपनी को क्लीनचिट मिल गई। अब तीन साल से डंप पड़ी 900 एलईडी लाइटों से शहर की प्रमुख सड़कें जगमगाएंगी।
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जिस फर्म से लाइटों की खरीद की गई उसमें भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। जांच तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल ने करते हुए इसमें अनियमितता पाई थी। इसके बाद नगरपालिका के जलकल में इन लाइटों को डंप कर दिया गया। दोबारा जांच के बाद एक सप्ताह पहले ही कंपनी को क्लीनचिट दी गई। 14 वें वित्त से वर्ष 2021 में 60 वॉट की सीएनएस कंपनी की एलईडी स्ट्रीट लाइटें खरीदी गईं थीं। इसमें एक एलईडी लाइट की कीमत जीएसटी सहित 6250 रुपये पड़ी थी। कुल 900 एलईडी लाइटों के लिए 56 लाख 25 हजार रुपये का भुगतान किया गया। भुगतान से पहले तत्कालीन डीएम मनीष कुमार वर्मा ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल, मुख्य कोषाधिकारी सुनील कुमार, बिजली विभाग के अभियंता से जांच कराया था। इसमें ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट में कहा था कि सीएनएस कंपनी की स्ट्रीट लाइट की कीमत ऑनलाइन नहीं है। इससे यह उत्पाद विश्वसनीय नहीं लग रहा है। जो एलईडी लाइट खरीदी गई हैं। उनका मूल्य 6250 रुपये है लेकिन जांच में देखा गया कि 60 वॉट की अन्य ब्रांडेड लाइट्स इसके मुकाबले सस्ते दर पर बाजार में उपलब्ध हैं।

दोगुने दाम पर खरीदी गई थी लाइट

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने अपनी जांच में पाया कि हैवेल्स की लाइट जीएसटी सहित 3090 रुपये में, सिसका एलईडी लाइट 2434 रुपये में, स्टार लाइट कंपनी की एलईडी लाइट जीएसटी सहित 1288 रुपये में उपलब्ध है। जबकि कंपनी को 6250 रुपये का भुगतान किया गया।
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दोबारा जांच में इसलिए मिली क्लीनचिट

शासन से निर्देश के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने दोबारा इसकी जांच कराई। इसमें तीन सदस्यीय कमेटी ने इसकी रिपोर्ट अगस्त 2023 में शासन को भेज दी। इसमें कीमतों के मामलों में फर्म को क्लीनचिट दे दी गई। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि 6250 रुपये में कीमत के साथ पांच साल का एलईडी लाइटों का मेंटनेंस और तार एवं एसेसरीज की कीमत भी शामिल हैं। इसी के कारण इसकी कीमत अन्य कंपनियों की तुलना में अधिक है।

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कोट

नगर पालिका परिषद जौनपुर में 900 एलईडी स्ट्रीट लाइटों की दोबारा जांच कराई गई। इसमें तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। जांच रिपोर्ट शासन को भेजा गया। जहां से क्लीनचिट मिलने के बाद इन लाइटों को शहर के प्रमुख मार्गों पर लगाया जाएगा।
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-पवन कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद जौनपुर।
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