सूर्योपासना के चार दिवसीय अनुष्ठान डाला षष्ठी के दूसरे दिन सोमवार को खरना मनाया गया। इस दौरान घर-घर खीर बनाई गई और लोगों में प्रसाद वितरण किया गया।
नदी और सरोवरों पर पहुंचकर व्रती महिलाओं और उनके घर वालों ने वेदियां बनाकर पूजन किया। मंगलवार को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा।
डाला छठ को लेकर जिले का वातावरण भक्तिमय हो चला है। सोमवार को पूरे दिन लोकमंगल के निमित्त छठी मइया की पूजा की गई। देवी गीत और भजन-भाव से माहौल देवीमय हो चला है।
अमूमन बिहार में मनाए जाने वाले छठ पर्व को लेकर पूर्वांचल में भी आस्था का सैलाब उमडने लगा है। सोमवार को जिले के नदी घाटों और सरोवरों पर छठ पूजा करने वालों की भारी भीड़ उमड़ी।
मंगलवार को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अघ्र्य दिया जाएगा। बुधवार को उगते सूर्य को अघ्र्य देने के साथ व्रत का पारण किया जाएगा। पुत्र की कामना और पति की सलामती के लिए किए जाने वाले व्रत को लेकर महिलाओं में खासा
उत्साह रहा। खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। प्रशासन ने सोमवार को घाटों की साफ.सफाई भी कराई। ग्राम्यांचलों में भी छठ पर्व का उत्साह लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। धर्मापुर, छठ के मद्देनजर क्षेत्र की बाजारों में फल की दुकानें सज गई हैं। महिलाएं फल और पूजा के सामानों की खरीदारी में मशगूल दिखीं।