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पुलिस की कार्रवाई पर भड़के अधिवक्ता, ठप रखा न्यायिक कार्य

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जौनपुर। कलेक्ट्रेट अधिवक्ता समिति की बैठक बृहस्पतिवार को हुई। इसमें अधिवक्ता साहब लाल शर्मा आदि की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र पर चर्चा की गई। 29 मई को दर्ज एक मामले में अधिवक्ता भुवनेश सिंह को गैंगेस्टर एक्ट में नामजद किया गया है, जबकि वह पिछले दो माह से जेल में ही हैं। पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई। निर्णय लिया कि इस मामले में संघ का प्रतिनिधिमंडल डीएम, एसपी से मिलकर वार्ता करेगा। इस मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला लिया। बैठक में पूर्व अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, विजय प्रताप सिंह, महेंद्र प्रताप, हरिश्चंद्र यादव, जगदीश अस्थाना आदि ने विचार रखे। अध्यक्षता जगत नारायण तिवारी व संचालन बृजेश कुमार यादव ने किया।
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10 तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे अधिवक्ता
मछलीशहर। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर तहसील के अधिवक्ताओं ने 10 जुलाई तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। अधिवक्ताओं ने बैठक कर न्यायालयों के बहिष्कार की अवधि बढ़ा दी है।
शासन के आदेश के क्रम में तहसील न्यायालयों में 22 जून से काम काज शुरू होना था। एसडीएम अमिताभ यादव न्यायालय में बांस बल्ली लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने की तैयारी कर काम शुरू किया। 23 जून को न्यायिक कार्य शुरू हुआ तो अधिवक्ताओं, वादकारियों का हुजूम न्यायालयों में उमड़ पड़ा। भीड़ देखकर एसडीएम न्यायालय से चले गए। अधिवक्ताओं को यह बात नागवार लगी।
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तत्काल संघ के अध्यक्ष प्रेम बिहारी यादव की अध्यक्षता में आकस्मिक बैठक बुलाई गई। इसमें सर्व सम्मति से पहले 30 जून तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया था और अब इसे 10 जुलाई तक विस्तारित किया गया है। बैठक में महामंत्री अजय कुमार सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश चंद्र सिन्हा, अशोक कुमार श्रीवास्तव, आरपी सिंह, सुरेंद्र मणि शुक्ला, विनय पांडेय, विकास यादव, हरिनायक तिवारी, यज्ञ नरायन सिंह, ललित मोहन तिवारी आदि मौजूद रहे।
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