मड़ियाहूं। दो दिन पहले लापता हुई बालिका की बरामदगी को लेकर पुलिस ने सतकर्ता दिखाई होती तो शायद उसकी जान बच जाती। प्रधान से मौखिक सूचना मिलने के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। यही कारण रहा कि मामले में न तो गुमशुदगी का केस दर्ज हुआ और न ही कोई अन्य कार्रवाई हुई। सुबह पुलिस हरकत में तब आई, जब बालिका की लाश मिली। घटना में पुलिस के रवैए को लेकर लोगों में आक्रोश रहा। करीब आठ घंटे तक चले धरने के दौरान हर कोई लचर रवैए के कारण पुलिस को कोसता रहा। मामला तूल पकड़ने के बाद डैमेज कंट्रोल के लिए आईजी को खुद मौके पर आना पड़ा।
बालिका का परिवार बेहद गरीब है। मां मूक दिव्यांग हैं तो पिता भी अशक्त होने के कारण बिस्तर पर पड़े रहते हैं। लिहाजा दूसरों से मिलने वाली मदद पर ही परिवार का भरण पोषण चलता है। मदद के नाम पर ही आरोपी बालिका को अपने साथ ले गए थे, मगर उसे वापस नहीं लाए। घंटों बीतने के बाद अशक्त माता-पिता ने पहले तो अपने स्तर से खोजबीन की। फिर ग्राम प्रधान से गुहार लगाई। प्रधान फोन पर ही थाने में सूचना दे दी थी, मगर पुलिस लिखित तहरीर का इंतजार करती रही। शुक्रवार को पूरे दिन उनकी ओर से इस मामले में कोई सक्रियता नहीं दिखाई है। अब हत्या के बाद पुलिस अधिकारी खोजबीन के दावे कर रहे हैं। बहरहाल मौके पर पहुंचे आईजी विजय सिंह मीना ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए आरोपी पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। आईजी ने बताया कि आरोपी के दो करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाई गई है। एक टीम चंदौली भेजी गई है, जबकि तीन जिले में काम कर रही हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उसके विरुद्ध रासुका की भी कार्रवाई की जाएगी।